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लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंद किशोर गुर्जर के कुर्बानी वाले मुतनाज़ा बयान पर मौलाना रशीद फिरंगी महली का रद्देअमल सामने आया है. मौलाना फिरंगी महली ने कहा है कि ईद उल अज़हा पर कुर्बानी देना मुसलमानों को मज़हबी हक है और यह हक हमसे कोई छीन नहीं सकता. साथ ही उन्होंने ज़िला इंतेज़ामिया से गुज़ारिश की है कि वो नंद किशोर गुर्जर के बयान पर कार्रवाई करे.
मौलाना फिरंगी महली ने कहा है कि बकरीद पर कुर्बानी देने मुसलमानों को बुनियादी मज़हबी फरीज़ा है और ये फरीज़ा हमसे रहती दुनिया तक कोई नहीं छीन नहीं सकता. गुर्जर के बयाय को गैर आईनी करार देते हुए मौलाना ने कहा कि वहां की इंतेज़ामिया को इस बयान के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी के भी मज़हबी जज़बात को चोट पहुंचाने को कोई हक हासिन नहीं है. मौलाना ने आगे कहा कि हम किसी के भी मज़हबी मामले में दखल नहीं देते हैं और हम भी यही चाहते हैं कि हमारे मज़हबी मामलों में भी कोई दखल न दे. हम लोग कानून के दायरे में रहकर हर साल कुर्बानी देते हैं और इस साल भी हम कुर्बानी के फरीज़े को अंजाम देंगे.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी मुसलमान बकरीद के मौके पर हुकूमत के ज़रिए जारी की गईं गाइडलाइंस को नज़र में रखते हुए कुर्बानी देनी है. उन्होंने कहा कि कुर्बानी को कोई भी खुली जगह में न करे, कुर्बानी के जानवर का खून नालियों में न बहे, कुर्बानी के गोश्त के खुले तौर पर कहीं न ले जाया जाए और कुर्बानी का बकाया किसी कच्ची जगह पर दफ्न कर दिया जाए.
क्या कहा था भाजपा MLA नंद किशोर गुर्जर ने
नंद किशोर गुर्जर ने लोगों से बकरीद के मौके पर कुर्बानी न करने को कहा है और कहा कि जिसे भी कुर्बानी देनी है, वो अपने बच्चों की कुर्बानी दे. गुर्जर आगे ने कहा कि मांस खाने से कोरोना फैलता है, इसलिए वो बकरीद पर लोना में कुर्बानी नहीं होने देंगे. नंद किशोर ने कहा कि जिस तरह लोगों ने कोरोना पर हुकूमद के नियमों का पालन किया है. मस्जिद और मंदिरों में पूजा नहीं की है, वैसे ही इस बार बकरीद के मौके पर कुर्बानी न दें, क्योंकि इससे कोरोना फैलने का खतरा है.
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