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Azharuddin Oath Ceremony: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और कांग्रेस नेता मोहम्मद अज़हरुद्दीन शुक्रवार को तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेंगे. राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा दोपहर 12.15 बजे राजभवन में अज़हरुद्दीन को शपथ दिलाएंगे. अधिकारियों ने गुरुवार को पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और अन्य मंत्री समारोह में शामिल होंगे.
राज्य मंत्रिमंडल ने अगस्त में राज्यपाल कोटे के तहत अज़हरुद्दीन को विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में नामित करने का निर्णय लिया था. अज़हरुद्दीन को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग दिए जाने की संभावना है. पूर्व सांसद अज़हरुद्दीन वर्तमान में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और टीपीसीसी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं.
उपचुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव
62 साल के अज़हरुद्दीन को 11 नवंबर को जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव से पहले कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है. पूर्व क्रिकेटर, जिन्होंने 2023 में अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, फिर से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने नवीन यादव को मैदान में उतारने का फैसला किया और अजहरुद्दीन को कैबिनेट में जगह देने का वादा किया.
मंत्रिमंडल का होगा विस्तार
अजहरुद्दीन के शपथ ग्रहण के साथ राज्य मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 16 हो जाएगी. वह मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में पहले मुस्लिम मंत्री होंगे. लगभग दो साल पहले सत्ता में आने के बाद से सत्तारूढ़ पार्टी एक भी मुस्लिम मंत्री न होने के कारण समुदाय के विभिन्न वर्गों के निशाने पर रही है. अजहरुद्दीन सहित कांग्रेस पार्टी के सभी प्रमुख मुस्लिम उम्मीदवारों को 2023 के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था.
बीजेपी ने बोला हमला
अजहरुद्दीन को मंत्री बनाए जाने को कांग्रेस पार्टी द्वारा मुसलमानों तक पहुंचने के कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो जुबली हिल्स में लगभग 30 फीसद मतदाता हैं. चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान, बीआरएस कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिम समुदाय को 'धोखा' देने और अजहरुद्दीन को 'विश्वासघात' करने का आरोप लगा रही है. दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने चुनाव आयोग से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति न देने का आग्रह किया है क्योंकि उपचुनाव में मतदाताओं के एक वर्ग को खुश करने के लिए अजहरुद्दीन को मंत्री बनाया जा रहा है. पार्टी ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है.