मोहम्मद सिराज ने खरीदी BMW कार, VIDEO शेयर कर लिखा अलहमदुलिल्लाह

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ही उनके पिता का देहांत भी हुआ था. इस मुश्किल घड़ी में भी वो टीम के साथ खड़े रहे 

मोहम्मद सिराज ने खरीदी BMW कार, VIDEO शेयर कर लिखा अलहमदुलिल्लाह
फाइल फोटो

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा देने वाले वाले हिंदुस्तानी गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने BMW कार खरीदी है. उन्होंने कार की कुछ तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर फैंस के साथ वीडियो शेयर की है. साथ ही कैप्शन लिखा है, 'अलहमदुलिल्लाह' जिसका मतलब है, 'तमाम तारीफें अल्लाह के लिए है.

बता दें कि मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना टेस्ट डेब्यू किया है और पहले ही मैच में उन्होंने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन किया. इस दौरे के दौरान ही उनके पिता का देहांत भी हुआ था. इस मुश्किल घड़ी में भी वो टीम के साथ खड़े रहे और पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं जा सके थे. 

यह भी पढ़ें: सीरीज जीतकर पिता की कब्र पर पहुंचे Mohammed Siraj, आंखों से बहने लगे आंसू

हालांकि बीसीसीआई ने उन्हें पिता के देहांत पर घर जाने की इजाज़त दे थी. सिराज ने टीम के साथ रहकर देश के लिए खेलना बेहतर समझा और अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज़ में 13 विकेट हासिल किए. जिसमें मेलबर्न में 5, सिडनी में 2 और ब्रिस्बेन में हुए आखिरी टेस्ट में 6 विकेट झटके. ब्रिस्बेन में तो वे स्ट्राइक बॉलर के तौर पर उतरे, क्योंकि मोहम्मद शमी और बुमराह चोट की वजह से बाहर थे.

नस्लीय टिप्पणियों का किया सामना
सीरीज़ के दौरान दर्शकों से नस्लीय टिप्पणियां का भी सामना करने पड़ा. मंकी, डॉग और ग्रब (कीड़ा) तक कहा गया लेकिन वो अपने काम पर डंटे रहे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट (मेलबर्न) से डेब्यू किया. सीरीज के 4 में से 3 टेस्ट खेले और 13 विकेट लेकर दौरे में भारत के सबसे सफल बॉलर बनकर उभरे. 

यह भी पढ़ें: कभी PM मोदी के कट्टर आलोचक रहे पूर्व IAS टॉपर शाह फैसल भी हुए उनके मुरीद, जानें पूरा मामला

राष्ट्रगान के दौरान छलके आंसू
पिता के देहांत के बाद सिराज पूरी तरह से टूट चुके थे. उन्हें कई मौकों पर भावुक होते हुए देखा गया. एक बार तो वो राष्ट्रगान के दौरान रोने लगे थे. तब उन्हें उनके साथ खड़े जसप्रीत बुमराह ने संभाला और कुछ ही लम्हों में सिराज के होठों पर मुस्कान ला दी थी. उनकी इस भावना को न सिर्फ हिंदुस्तानी बल्कि हिंदुस्तान से बाहर के लोग भी सलाम कर रहे हैं. 

मां ने मुझे हिम्मत दी: सिराज
सिराज ने एक जगह बात करते हुए कहा,"मेरे अब्बू चाहते थे कि मेरा बेटा मुल्क की तरफ से खेले और पूरी दुनिया उसे खेलते हुए देखे. काश वह आज का दिन देखने के लिए जिंदा होते." उन्होंने आगे कहा,"यह उनकी दुआओं का ही नतीजा है कि मैं आज यहां हूं. मेरे पास लफ्ज नहीं हैं और अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं." यह बहुत मुश्किल स्थिति थी. अब्बू के इंतेकाल के बाद मां से बात करने पर मुझे ताकत मिली और मैंने अपना ध्यान अब्बू का ख्वाब पूरा करने पर लगा दिया."

ZEE SALAAM LIVE TV