अलीगढ़: प्लास्टिक के डिब्बे पर बच्ची को बैठाकर पैदल पलायन करने के लिए मजबूर हुए मां-बाप

वीडियो में बच्ची के मां-बाप के साथ उनका एक मुतअल्लिकीन भी दिखाई दे रहा है. जिसके साथ, बारी-बारी तीनों बच्ची को डब्बे पर बिठाकर ले जा रहे हैं जबकि छोटा बेटा पैदल चलता हुआ नज़र आ रहा है

अलीगढ़: प्लास्टिक के डिब्बे पर बच्ची को बैठाकर पैदल पलायन करने के लिए मजबूर हुए मां-बाप

अजय कुमार/अलीगढ़: लॉकडाउन के बाद मजबूरी में प्रवासियों के पलायन की नई-नई तस्वीरें सामने आ रही हैं. कहीं, बैल की जगह इंसान बैलगाड़ी खींचता दिख रहा है, तो कहीं एक मां सूटकेस पर सोते हुए बच्चे को खींच रही है. वहीं, अब ऐसी ही एक तस्वीर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आई है. जिसमें मां-बाप अपनी बच्ची को प्लास्टिक के एक डिब्बे पर बैठाकर पैदल घर की जानिब बढ़ते हुए नज़र आ रहे हैं.

वीडियो में बच्ची के मां-बाप के साथ उनका एक मुतअल्लिकीन भी दिखाई दे रहा है. जिसके साथ, बारी-बारी तीनों बच्ची को डब्बे पर बिठाकर ले जा रहे हैं जबकि छोटा बेटा पैदल चलता हुआ नज़र आ रहा है.

रास्ते में रोके जाने पर बच्ची के वालिद रमेश ने बताया कि वे सब पैदल हापुड़ से फर्रुखाबाद के लिए निकले हैं. हुकूमत की जानिब से घर जाने के लिए बसें वगैरा की सहूलत के सवाल पर रमेश ने बताया कि बस के लिए दरख्वास्त दी थी लेकिन नंबर नहीं आया, जिसके बाद पैदल ही घर के लिए निकल पड़े. रमेश ने बताया कि रास्ते में अगर कोई सवारी मिल रही है तो उस पर बैठ जाते हैं, वरना पैदल ही चलते चले जा रहे हैं.

फर्रुखाबाद के रहने वाले रमेश ने बताया कि चार दिन हो गए हापुड़ से चलते हुए. हापुड़ में दूध के प्लांट में काम करते थे. दो बच्चे हैं जिसमें बेटे के नाम अमन और बेटी का नाम मुस्कान है. घर जाने की वजह पूछे जाने पर रमेश ने कहा कि परिवार के एक मेंबर की तबीयत खराब है, जिन्हें देखने के लिए जा रहे हैं.

बच्चों की मां मेनका ने बताया कि हम कुछ दूर चलने के बाद थोड़ा आराम करते हैं और फिर आगे बढ़ते हैं. इसी तरह से पिछले तीन-चार दिनों से घर की जानिब बढ़ रहे हैं. उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि रास्ते में कोई इंतज़ाम नहीं रहा है.

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