Muharram 2020: कर्बला आज भी इंसानियत की सबसे बड़ी दर्सगाह

यही एक ऐसा वाक़्या है जिससे आलम की तमाम चीज़ें मुतास्सिर हुयीं. आसमान मुतास्सिर हुआ, ज़मीन मुतास्सिर हुयी, सूरज, चांद, सितारे मुतास्सिर हुए. यहां तक की ख़ुद ख़दुा वंदे करीम मुतास्सिर हुआ

Muharram 2020: कर्बला आज भी इंसानियत की सबसे बड़ी दर्सगाह

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