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Sambhal News: संभल हिंसा के मामले में आरोपी और जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने राजनीति में कदम रखने का ऐलान कर दिया है. जफर अली ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करके बताया कि वह 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. इस पोस्ट में उन्होंने हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में अपना प्लान शेयर किया है.
सियासत में एंट्री का ऐलान करते हुए जफर अली ने कहा, "संभल की जनता का कहना है कि अल्लाह के बाद हमारा सिर्फ आप पर ही भरोसा है. 2027 में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. कई राजनीतिक दल उनके संपर्क में है." इस बयान के बाद संभल का सियासी पारा हाई हो गया है. कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जफर अली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
हिंदू समाज को है ये डर
जफर अली की सियासत में एंट्री पर हिंदू समाज में भी गुस्सा देखा जा रहा है. नाम न बताने के शर्त पर एक शख्स ने कहा कि जफर अली संभल हिंसा के मामले में आरोपी रह चुके हैं, जेल जा चुके हैं और फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत पर हैं. किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे व्यक्ति को इलेक्शन में टिकट देने से बचना चाहिए.
चर्चा में क्यों है जफर अली
गौरतलब है कि संभल शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे. हिंसा में सैकड़ों लोग आरोपी बनाए गए थे और 70 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. इस मामले में शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली को पुलिस ने गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. जमानत मिलने के बाद जफर अली तेज़ी से राजनीति में सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने अब साफ़ कर दिया है कि आने वाले दिनों में वह चुनाव लड़ सकते हैं.
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