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कोलकाता: बाबरी मस्जिद की शहादत के दिन यानी 6 दिसम्बर को पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के नाम से एक मस्जिद की नीव रखने का ऐलान करने के बाद सुर्ख़ियों में आये TMC विधायक हुमायूं कबीर अचानक देशभर में सुर्ख़ियों में आ गए. इसके साथ ही वो भाजपा और हिन्दू संगठनों के निशाने पर हैं. कुछ अतिवादी लोगों ने विधायक हुमायूं कबीर के जिन्दा या मुर्दा लाने पर एक करोड़ का इनाम भी रख दिया है. वहीँ, बुधवार को मुर्शिदाबाद के किसान ने बाबरी मस्जिद के लिए ज़मीन देने से मना कर तृणमूल MLA को करारा झटका दिया है.
अबतक समझा जा रहा था कि विधायक का ये बयान सिर्फ राजनीतिक स्टंटबाज़ी है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि विधायक इसके लिए पूरी तैयारी कर चुके थे.
मुर्शिदाबाद ज़िले के एक किसान ने बुधवार को बताया कि वह न तो अपनी ज़मीन बेचेगा और न ही किसी को अपनी ज़मीन पर बाबरी मस्जिद बनाने देगा. बागी तृणमूल MLA बेलडांगा के रहने वाले ताजीमुद्दीन चौधरी उर्फ मिलन नाम के एक किसान की ज़मीन पर बाबरी मस्जिद की नींव रखना चाहते थे. किसान ताजीमुद्दीन के पास कुल मिलाकर करीब 4 एकड़ ज़मीन है.
किसान ने कहा कि वह वह ज़मीन नहीं बेचेगा क्योंकि वह नहीं चाहता कि उस ज़मीन पर बाबरी मस्जिद बने.
हालांकि, उसके एतराज़ के बावजूद, उस ज़मीन पर बाबरी मस्जिद की नींव रखने की तैयारी शुरू हो गई है. इस बीच, किसान ने बुधवार सुबह से ही ज़मीन की बाउंड्री मार्क करने का काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि किसी को भी ज़मीन में घुसने नहीं दिया जाएगा.
हालांकि, MLA ने यह कहकर चुनौती दी कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वह बाबरी मस्जिद बनाने के लिए अपनी जान दे देंगे. उन्होंने कहा, "बेलडांगा में कई जगहें हैं. बाबरी मस्जिद का शिलान्यास 6 दिसंबर को किया जाएगा. कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती है. ज़िले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ मेरी नहीं है. ज़रूरत पड़ी तो लड़ाई भी होगी."
हुमायूं कबीर ने इस बात पर भी नाराजगी जताया है कि बेलडांगा और रेजिनगर विधानसभा क्षेत्रों के TMC MLA हसनुज़्ज़मां एसके और रबीउल आलम चौधरी बाबरी मस्जिद बनाने में उनकी किसी भी तरह से मदद नहीं कर रहे हैं.
गौरतलब है कि विधायक कबीर ने पहले 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की थी, जिस दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी 6 दिसंबर, 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी पर कोलकाता में एक अवामी जलसे को खिताब करेंगे.
पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) एक्सरसाइज के बैकग्राउंड में, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी उस दिन कोलकाता में 'संहति दिवस' (एकता दिवस) रैली में शामिल होंगे ताकि एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया जा सके.
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