Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2723832
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंमुस्लिम कैदियों को जानवरों की तरह किया जा रहा है टॉर्चर, ब्रिटेन से आई शर्मनाक रिपोर्ट

मुस्लिम कैदियों को जानवरों की तरह किया जा रहा है टॉर्चर, ब्रिटेन से आई शर्मनाक रिपोर्ट

UK Muslim Prisoners: ब्रिटेन की जेलों में मुस्लिम कैदियों के साथ हो रही क्रूरता पर Maslaha संस्था की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम कैदियों पर जानबूझकर अधिक हिंसा और दर्द देने वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जो नस्लीय भेदभाव की ओर इशारा करता है.

मुस्लिम कैदियों को जानवरों की तरह किया जा रहा है टॉर्चर, ब्रिटेन से आई शर्मनाक रिपोर्ट

UK Muslim Prisoners: ब्रिटेन की जेलों से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई हैं, जहां मुसलमान कैदियों के साथ जानवर से भी बदतर सुलूक किया जाता है. सामाजिक न्याय के लिए काम करने वाली संस्था Maslaha ने दावा किया है किया है कि ब्रिटेन की कई जेलों मुस्लिम कैदियों के साथ ज़्यादा हिंसा और दर्द देने वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब यह है कि इन जेलों में न सिर्फ मुस्लिम कैदियों की पिटाई की जाती है, बल्कि उन्हें बिजली के झटके भी दिए जाते हैं ताकि मुस्लिम कैदियों को और ज्यादा तकलीफ हो. ये आंकड़े फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत जुटाए गए हैं.

फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत जुटाए के मुताबिक, 9 में से 8 जेलों में मुस्लिम कैदियों को दूसरे कैदियों के मुकाबले ज़्यादा पीटा जाता है. सबसे पहले उन्हें हथकड़ी लगाई जाती है और पैरों में जंजीरें डाल दी जाती हैं. फिर उन्हें इतना पीटा जाता है कि उन्हें ज़्यादा दर्द हो. इतना ही नहीं, इन कैदियों के अंगूठे या कलाई को ज़बरदस्ती मोड़ना या कान के नीचे की नस पर दबाव डालना भी इसमें शामिल है.

रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बेलमार्श जेल में मुस्लिम कैदी 32 फीसद हैं, लेकिन 61 फीसद कैदियों के साथ जानवर के जैसे सुलूक किया जाता है और बिजली के झटके भी दिए जाते हैं. वहीं, व्हाइटमूर जेल में मुस्लिम 43 फीसद हैं, लेकिन 55% मामलों में उन्हीं पर कड़े हथकड़ी और अन्य फोर्स का इस्तेमाल हुआ. साथ ही इसिस जेल में 45 फीसद मुस्लिम कैदी हैं, लेकिन 57 फीसद बार लाठियां उन्हीं पर चलाई गईं.

Add Zee News as a Preferred Source

Maslaha के डायरेक्टर ने क्या कहा?
Maslaha के डायरेक्टर रहील मोहम्मद ने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि मुस्लिम कैदियों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें जानबूझकर अपमानजनक और दर्दनाक तरीकों से ट्रीट किया जा रहा है. वहीं, जेल अधिकारियों की यूनियन के प्रमुख मार्क फेयरहर्स्ट ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि स्टाफ सिर्फ ज़रूरत पड़ने पर ही फोर्स का इस्तेमाल करता है और वह भी नियमों के तहत.

जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने लिया था ये बड़ा फैसला
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन की जेलों में मुस्लिम कैदी कुल कैदियों का 18 फीसद हैं, जबकि देश की आबादी में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 6.5 फीसद है. पिछले साल सरकार ने नस्लीय भेदभाव को कम करने के लिए रेस डिसपैरिटी यूनिट और नया फ्रेमवर्क शुरू किया है, ताकि हर जेल में बराबरी से नियम लागू हों और जवाबदेही तय हो सके.

About the Author
author img
Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

TAGS

Trending news