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अयोध्या: अयोध्या में भगवान श्री राम के जन्मस्थान पर भव्य श्री राम मंदिर की तामीर के लिए राष्ट्रव्यापी धन संग्रह मुहिम शुरू हो गई है. अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की तामीर समर्पण निधि कार्यक्रम एक बार फिर गंगा -जमुनी तहजीब की मिसाल बन गया. मुस्लिम समाज भी राम मंदिर निर्माण के लिए बढ़ चढ़कर दान कर रहा है.
मैत्री मंडप में आयोजित समर्पण निधि कार्यक्रम में मुस्लिम समाज की महिला शाह बानो ने भी 11,000 रुपये का चेक राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम दिया. शाह बानो ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि राम मंदिर तामीर के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को समर्पण निधि में दान देना चाहिए. इसके अलावा फैजाबाद के वसी हैदर ने मंदिर निर्माण के लिए 12 हजार रुपये का दान दिया.
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संघ परिवार और विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से राम जन्मभूमि समर्पण निधि अभियान संचालित कर रहा है. ये कार्यक्रम 15 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक चलने वाला है. इन 42 दिनों में विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य 5 लाख गांव के 11 करोड़ परिवारों से सीधे मिलकर राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने का है.
वहीं राम जन्मभूमि मंदिर की तामीर के लिए बनाए गए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समर्पण निधि कार्यक्रम चंदा वसूली का कोई कार्यक्रम नहीं है इसको चंदा नहीं कहना चाहिए क्योंकि भगवान के सामने जाकर कोई सहयोग नहीं करता बल्कि अपना समर्पण व्यक्त करता है.
लोग बढ़-चढ़कर चंदा दें-अंसारी
राम मंदिर निर्माण में अयोध्या विवाद में बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी भी समर्पण निधि देंगे. श्रीराम जन्मभूमि समर्पण निधि अभियान पर इकबाल अंसारी ने कहा कि बात राम मंदिर की है. बात धर्म की है. लोग बढ़-चढ़कर चंदा दें. मंदिर- मस्जिद के विवाद में लोग न आएं. अंसारी ने कहा कि धर्म के काम में मेहनत की कमाई लगती है तो भगवान भी और अल्लाह दोनो खुश होते हैं. चंदा देने में कोई बुराई नहीं है. लोग चंदा दे चाहे एक रुपये या एक लाख रुपये का सहयोग करें.
राष्ट्रपति से चंदा लेकर राष्ट्रपति अभियान का हुआ शुभारंभ
अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर के लिए 15 जनवरी से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि संग्रह अभियान शुरू किया गया है. इसी के साथ धन संग्रह अभियान शुरू किया गया. ये पूरे देश में 27 फरवरी तक चलेगा. इस अभियान के दौरान हिंदू धर्म के लोग मंदिर निर्माण के लिए यथासंभव सहयोग कर रहे हैं. दूसरे धर्म के लोग भी सहयोग कर सांप्रदायिक भाईचारे का परिचय दे रहे हैं.
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