"आँखें न चुराओ दिल में रह कर, चोरी न करो ख़ुदा के घर में"

Muztar Khairabadi Shayari: मुजतर खैराबादी उर्दू अदब में बड़ा नाम है. मशहूर शायर जां निसार अख्तर उनके बेटे थे. मशहूर शायर जावेद अख्तर उनके पोते हैं. पेश हैं मुज्तर के शेर.

"आँखें न चुराओ दिल में रह कर, चोरी न करो ख़ुदा के घर में"

About the Author

Siraj Mahi

Siraj Mahi

सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.