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रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की दहशत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने 6 गांव वालों का कत्ल कर दिया. जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में अवामी अदालत लगाकर 4 गांव वालों को मौत के घाट उतार दिया, वहीं दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर के पास मौजूद गांव में दो नौजवानों की रस्सियों से गला घोंटकर नक्सलियों ने खूनी खेल को अंजाम दिया. इस वारदात के बाद बीजापुर में डर और दहशत का आलम है. परिवार वालों ने पुलिस को जानकारी तक नहीं दी है.
वहीं दंतेवाड़ा के किरंदुल के दोनों नौजवानों को नक्सलियों ने उनके परिवार वालों के सामने ही मार डाला. इस वारदात की जिम्मेदारी गंगालूर एरिया कमेटी के ज़रिए ली गई है. गांव वालों का हत्या करने के बाद नक्सलियों ने पर्चा भी छोड़ा है, जिसमें लिखा गया है कि अशोक कुंजाम व बंडा कुंजाम पुलिस के खुफिया फौजी थे. इन्हें अवामी अदालत में मौत की सज़ा दी गई. वहीं दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव का कहना है कि किरन्दुल थाना इलाके के डोका पारा के दो गांव वालों का नक्सलियों ने बेहरमी से कत्ल कर दिया और लाश को कई घंटों तक घसीटने के बाद फेंक दिया.
बता दें कि जुमा को ही डीजीपी ने नक्सलियों से निपटने 3 महीने की हिकमते अमली बनाई है और सीएम भूपेश बघेल ने मरकज़ी वज़ीरे दाखिला अमित शाह को खत लिखकर बस्तर के लिए बटालियन और वसायल की मांग की है. इसके अलावा सूबाई हुकूमत ने केंद्र से नक्सल मुतास्सिर इलाकों में 1028 मोबाइल टावर लगाने की मांग है.
गौरतलब है कि मरकज़ी वज़ारते दाखिला ने लंबे वक्त से नक्सलवाद के मसले से जूझ रहे छत्तीसगढ़ में 2018 में इज़ाफी सीआरपीएफ जवानों की तैनाती को मंजूरी दी थी. एक बटालियन में 1000 जवान होते हैं. नीम फौजी फोर्सेज़ (अर्धसैनिक बलों) की 33 बटालियन छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मोर्चा ले रही है.
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