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दंतेवाड़ा: पूरा मुल्क कोरोना वायरस के शिकंजे से निकलने की कोशिश कर रहा है लेकिन इस बीच नक्सली और दहशतगर्दों की बुतपरस्ती जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं. छत्तीसगढ़ के बस्तर में गांव वालों के नक्सलियों के बेरहमी का शिकारी बनने का सिलसिला जारी है . बस्तर में एक बार फिर नक्सलियों का बेरहम चेहरा सामने आया है.
बस्तर जिले के कटेकल्याण थाना इलाके में पड़ने वाले मारजूम गांव में नक्सलियों ने 60 साला बुजुर्ग की बेरहमी से कत्ल कर दिया. बेटे के गुप्त फौजी बनने के चलते बुजुर्ग वालिद का बड़ी बेरहमी से कत्ल कर दिया है. पूरे बस्तर डिवीज़न में पहली बार इस तरह के घटना को नक्सलियो ने अंजाम दिया.
दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने इस वाक्ये की तस्दीक की है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने पूरे गांव के सामने गोपनीय फौजी के 60 साला वालिद के गले में फंदा डालकर उसे लटकाया, और फिर डंडे से पीट-पीट कर बुजुर्ग का कत्ल कर दिया.इतना ही नहीं बुजुर्ग की बेरहमी से कत्ल करने के बाद नक्सलियों ने गांव वालों को इस बात की ख़बर पुलिस को नहीं देने के लिए धमकी भी दी.
एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव के मुताबिक नक्सलियों की इस धमकी के बाद डरे हुए गांव वालों ने बुजुर्ग के लाश को गुपचुप तरीके से दफना दिया. मरने वाले बुजुर्ग शख्स का नाम जगरा मंडावी था. उनके बेटे दुलगा मंडावी गोपनीय फौजी बन गए थे जिसके चलते नक्सलियों ने इस काम को अंजाम दिया.
फिलहाल कटेकल्याण पुलिस ने एसडीएम से इजाज़त से दफनाए गए शव को बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने कहा कि पूरे बस्तर डिवीज़न में पहली बार नक्सलियो ने इस प्रकार की खौफनाक कत्ल को अंजाम दिया है.
आपको बता दें कि नक्सली इलाकों में रहने वाले मकामी लोग ही गोपनीय फौजी होते जो पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेस के लिए काम करते हैं. गोपनीय फौजियों को रियासती हुकूमत की ओर से बाकायदा पुलिस और अन्य सिक्योरिटी फोर्सेज में तकर्रूरी की जाती है. उन्हें दूसरे पुलिस अहलकारों और फौजियों की तरह सैलरी मिलती है.ये गोपनीय फौजी अलग अलग नक्सली इलाकों में पहुंचकर नक्सलियों के मूवमेंट्स के बारे में जानकारी लेते हैं और पुलिस अफसरान को रिपोर्ट सौंपते हैं. जिसके बाद पुलिस इस पर अपनी स्ट्रेटेजी प्लान करती है.
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