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नई दिल्लीः एक्ट ऑफ गॉड की राह लेते मुल्क में 861 करोड़ के पार्लियामेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इस बार टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 861.9 करोड़ रुपये में नए पार्लियामेंट की तामीर का काम दिया गया है. जानकारी के मुताबिक इसके 21 महीनों में बनकर तैयार होने की उम्मीद है. बता दें कि मुल्क की पुरानी पार्लियामेंट का इफ्तेताह 18 जनवरी साल 1927 में किया गया था. तब उसे बनाने में 6 साल का वक्त लगा था.
L&T ने भी लगाई थी बोली
अफसरों ने बताया हे कि नया पार्लियामेंट हाउस बनाने को लेकर टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और L&T में टक्कर थी. L&T कंपनी ने 865 करोड़ की बोली लगाई थी तो वहीं टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 861.9 करोड़ की बोली लगाकर पार्लियामेंट हाउस की तामीर के काम को अपने हाथों में लिया है.
1927 में बना था पार्लियामेंट हाउस
अंग्रेज़ी ज़माने में 12 फरवरी 1921 में ड्युक ऑफ कनाट ने हाउस का संगे बुनियाद रखा था. इस हाउस की तामीर में 6 साल का वक्त लगा था. 18 जनवरी 1927 को भारत के उस वक्त के वायसराय लार्ड इरविन ने हाउस की तामीर का इफ्तेताह किया था. भवन को बनाने में लगभग 85 लाख रुपये खर्च किये गए थे. नए हाउस को बनने में 21 महीने का वक्त लगेगा, तो वहीं नए प्रोजेक्ट की लागत 861.9 करोड़ रुपये बताई गई है.