)
Lawrence Bishnoi Gang: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार शाहबाज़ अंसारी की अंतरिम ज़मानत रद्द कर दी है. यह फैसला तब लिया गया जब ज़मानत पर रिहा होने के बाद वह लापता हो गया था.
एनआईए ने अदालत को बताया कि अंसारी ने झूठ बोलकर ज़मानत ली थी. उसने अदालत में दावा किया था कि उसकी पत्नी की तबीयत बहुत खराब है और उसे तुरंत सर्जरी की ज़रूरत है, इसलिए उसे कुछ समय के लिए जेल से रिहा किया जाए. अदालत ने इसी आधार पर अंतरिम ज़मानत दे दी, लेकिन जेल से बाहर आते ही अंसारी फरार हो गया.
NIA ने क्या कहा?
एनआईए का कहना है कि अंसारी ने अदालत को गुमराह किया और न्यायिक व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी की. एजेंसी ने अदालत से अपील की कि यह ज़मानत न्याय का मज़ाक बन रही है, इसलिए इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए. विशेष एनआईए अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए ज़मानत रद्द कर दी.
NIA कर रही है आरोपी की तलाश
अब एनआईए अंसारी की तलाश शुरू कर चुकी है. एजेंसी को शक है कि वह फिर से अपराधियों के नेटवर्क में शामिल हो गया है, और जानबूझकर पुलिस और अदालत से बचने की कोशिश कर रहा है. शाहबाज़ अंसारी को दिसंबर 2022 में गिरफ़्तार किया गया था. उस पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हथियार और गोलियां सप्लाई करने का आरोप है. यह मामला संगठित अपराध से जुड़ा है.