)
Pakistani spy in India: पाकिस्तान भारतीय सेनाओं से जुड़ी खुफिया जानकारियों को इकट्ठा करने के लिए भारत में जासूसों का जाल बिछा चुका है. इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से पकड़े गए दो पाकिस्तानी जासूस को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने सजा सुनाई है. ये दोनों जासूस भारत के ही रहने वाले थे, जो पाकिस्तान के लिए काम कर रहे थे.
दोनों जासूसों की पहचान राजस्थान के झुंझुनू जिले के अशोक कुमार और अलवर जिले के विकास कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें UAPA अधिनियम की धारा 18 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 के तहत 5 साल 11 महीने की साधारण कारावास की सजा काटनी होगी.
विशाखापत्तनम स्थित एनआईए की विशेष अदालत द्वारा लगाए गए 5,000 रुपए के जुर्माने का भुगतान न करने की स्थिति में उन्हें एक साल की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी भुगतनी होगी.
जासूस अशोक मुंबई और जासूस विकास को कर्नाटक के कारवार से दिसंबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था. NIA ने जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था और बाद में मार्च 2021 में एक और आरोपी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था.
गौरतलब है कि इस मामले में टोटल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से अब तक आठ को दोषी ठहराया जा चुका है और सजा सुनाई जा चुकी है. वहीं, इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी भी जारी है.
NIA ने दिसंबर 2019 में काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन, खुफिया विभाग, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश पुलिस) से विदेशी जासूसों/एजेंटों द्वारा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भारतीय नौसेना प्रतिष्ठानों पर जासूसी से संबंधित मामले को अपने हाथ में लिया था. NIA जासूसी के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है, जिसका उद्देश्य भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को भंग करना था.