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नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के तर्ज पर राजधानी दिल्ली में भी अब स्थानों के नाम बदले जाएंगे. बहुत जल्द हुंमायूपुर, युसूफ सराय, बेगमपुर, सैदुल अजाब और हौजखास जैसे नाम इतिहास बन सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के सद्र आदेश गुप्ता ने मंगलवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से मुगलशासकों के नाम वाली आधा दर्जन सड़कों के नाम बदलने की मांग की है.
स्वतंत्रता सेनानियों पर रखे जाएं नाम
आदेश गुप्ता ने कहा है कि मुगलषासकों वाले उर्दू नामों को बदलकर उनका नाम महर्षि वाल्मिकी, महाराणा प्रताप, जनरल बिपिन रावत और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नामों पर रखा जाए. इससे पहले भी गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर उन्हें हुंमायूपुर, युसूफ सराय, बेगमपुर, सैदुल अजाब, हौजखास जैसे 40 उर्दू नाम वाले गांवों के नामों को बदलकर उनका नाम देश के स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों, दिल्ली दंगा के पीड़ितों, प्रसिद्ध कलाकारों एवं खिलाड़ियों के नामों पर रखने का प्रस्ताव दिया था.
बाबर लेन का नाम खुदीराम बोस के नाम पर होगा
एनडीएमसी के सद्र को लिखी चिट्ठी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के कई साल बाद भी दिल्ली की कुछ सड़कों के नाम ‘गुलामी’ के अलामत बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि तुगलक रोड का नाम बदलकर उसका नाम गुरू गोविंद सिंह के नाम पर और बाबर लेन का नाम बदलकर उसका नाम क्रांतिकारी खुदीराम बोस के नाम पर रखा जाए. उन्होंने यह भी सलाह दिया कि औरंगजेब लेन का नाम बदलकर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम लेन, हुंमायू रोड का नाम बदलकर महर्षि वाल्मिकी रोड और शाहजहां रोड का नाम बदलकर जनरल बिपिन रावत रोड किया जाएं.
गुलामी का प्रतीक है रोड का नाम
गुप्ता ने कहा कि यह हमारी मांग है कि गुलामी के प्रतीक तुगलक रोड का नाम बदलकर गुरू गोविंद सिंह मार्ग किया जाए, जो इन महान हस्ती के प्रति खराजे अकीदत पेष करना होगा. उन्होंने कहा कि अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप की 482 वीं जयंती पर महाराणा प्रताप रोड किया जाए. उन्होंने मुगलों के खिलाफ जंग किया और वह हिंदुओं का गर्व समझे जाते हैं.
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