Birth Anniversary: चाय के जूठे कप धोए, कोयला बीना, जानिए Actor ओमपुरी के बारे में सब कुछ
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Birth Anniversary: चाय के जूठे कप धोए, कोयला बीना, जानिए Actor ओमपुरी के बारे में सब कुछ

ओम पुरी ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मौत का तो आपको भी पता नहीं चलेगा. सोए-सोए चल देंगे. आपको पता चलेगा कि ओम पुरी का कल सुबह 7 बजे निधन हो गया.’ 6 जनवरी 2017 की सुबह ओम पुरी का निधन हो गया.

Birth Anniversary: चाय के जूठे कप धोए, कोयला बीना, जानिए Actor ओमपुरी के बारे में सब कुछ

नई दिल्ली: बॉलीवुड की जानी मानी हस्ती ओमपुरी (Om Puri) हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में से एक रहे, जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है. बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार ओम पुरी (Om Puri) का आज यानी 18 अक्टूबर को जन्मदिन होता है. ओम पुरी आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी अदाकारी और उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है. 

ओमपुरी का बचपन
ओमपुरी की पैदाइश 18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में हुआ. उनका बचपन बेहद मुश्किलों भरा रहा. पंजाबी परिवार में जन्मे ओम पुरी के पिता रेलवे में काम करते थे. लेकिन, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. ओमपुरी ने कोयला बीनने और टी स्टॉल्स में बर्तन धोने तक का काम किया. 

स्कूल के दिनों से अदाकारी का शौक
ओमपुरी ने अपनी पढ़ाई पटियाला से की थी. फिल्मों में आने से पहले ओमपुरी सरकारी नौकरी करते थे. ओमपुरी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने के लिए कॉलेज के असिस्टेंट लाइब्रेरियन (Assistant Librarian) की नौकरी छोड़ी थी. ओमपुरी को स्कूल के समय से ही अभिनय करना पसंद था. वह अपने स्कूल फंक्शन में हिस्सा लिया करते थे. इसके बाद ओमपुरी अपने कॉलेज के थिएटर से जुड़ गए. 

नौकरी छोड़ थियेटर ज्वाइन किया
ओमपुरी जिस कॉलेज में पढ़ते थे उसी में असिस्टेंट लाइब्रेरियन की नौकरी करते थे. एक बार उन्होंने कॉलेज में थिएटर किया. उनके थिएटर को देखने पंजाब के मशहूर थिएटर कलाकार हरपाल टिवाना (Harpal Tiwana) पहुंचे. ओमपुरी के अभिनय को देखने के बाद हरपाल टिवाना (Harpal Tiwana) ने उन्हें अपने थिएटर ग्रुप से जुड़ने की पेशकश की. इसके बाद कॉलेज की असिस्टेंट लाइब्रेरियन की नौकरी छोड़कर ओमपुरी ने हरपाल टिवाना के थिएटर ग्रुप से जुड़े.

मराठी फिल्म में अदाकारी से करिअर की शुरूआत 
इसके बाद ओमपुरी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (National School of Drama) से अभिनय की पढ़ाई की. ओम पुरी ने पुणे फिल्म संस्थान से अपनी पढ़ाई खत्म की और लगभग डेढ़ वर्ष तक एक स्टूडियो में अभिनय की शिक्षा दी. बाद में ओम पुरी ने निजी थिएटर ग्रुप ‘मजमा’ (Majma) की स्थापना की. ओम पुरी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से की थी. फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए ओम पुरी बेहतरीन सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार (filmfare award) से सम्मानित किए गए. उसके बाद ओम ने कई सफल फिल्मों में काम किया, साथ ही छोटे पर्दे पर भी अपना जलवा बिखेरा.

कामर्शियल फिल्म भी बनाई
ओम पुरी को फिल्म ‘आरोहण’ और ‘अर्ध सत्य’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड भी मिला. उन्होंने समानांतर सिनेमा में काम करने के साथ ही कई व्यावसायिक फिल्मों में भी काम किया, जिसमें मिर्च मसाला, जाने भी दो यारों, चाची 420, हेराफेरी, मालामाल वीकली आदि शामिल हैं.

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अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम किया 
चार दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में ओम पुरी ने हिंदी और अंग्रजी से लेकर कन्नड़ और पंजाबी सिनेमा में काम किया और हर जगह अपनी एक अलग छाप छोड़ी है. उन्होंने ऑस्कर विनिंग फिल्म गांधी (Gandhi) में छोटा सा किरदार निभाया था. ओमपुरी ने हॉलीवुड की ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वुल्फ’ जैसे फिल्मों में काम किया.

दो शादी की 
ओम पुरी ने पहली शादी सीमा (Seema) से की. 1983 में नंदिता पुरी (Nandita Puri) से दूसरी शादी की और 2016 में दोनों अलग-अलग हो गए, दोनों का एक बेटा ईशान है.

अपनी मौत की भविष्यवाणी की
ओम पुरी ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मौत का तो आपको भी पता नहीं चलेगा. सोए-सोए चल देंगे. आपको पता चलेगा कि ओम पुरी का कल सुबह 7 बजे निधन हो गया.’ 6 जनवरी 2017 की सुबह ओम पुरी का निधन हो गया. 

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