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नई दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशकों के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाने के लिए अध्यादेश (Ordinance) लाने के कुछ दिनों बाद सरकार ने बुधवार को ईडी निदेशक संजय कुमार मिश्रा (Sanjay Kumar Mishra) का कार्यकाल 18 नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया है. इसके साथ ही आईपीएस अधिकारी विद्या जयंत कुलकर्णी (IPS Vidya Jayant Kulkarni), घनश्याम उपाध्याय (Ghanshyam Upadhyay) और नवल बजाज (Naval Bajaj) को बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में स्थानांतरित कर दिया गया है.
बुधवार को कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह जानकारी दी गई. आदेश के मुताबिक, तमिलनाडु कैडर की 1998 बैच की आईपीएस अधिकारी कुलकर्णी को प्रतिनियुक्ति आधार पर पांच साल के लिए नियुक्त किया गया है. वहीं 1999 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी उपाध्याय का कार्यकाल 29 जून, 2026 तक होगा. आदेश में आगे कहा गया कि 1995 बैच के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी बजाज का संयुक्त कार्यकाल पांच साल यानी छह जून, 2026 तक होगा.
तीनों अधिकारी इस वक्त इन विभागों में दे रहे हैं सेवा
पोस्टिंग से पहले, कुलकर्णी तमिलनाडु में राज्य के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में तैनात थीं, जबकि नवल बजाज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में आईजीपी के रूप में कार्यरत हैं. इसी तरह घनश्याम उपाध्याय एसएसबी में आईजीपी के ओहदे पर तैनात हैं.
प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक एस के मिश्रा का कार्यकाल एक साल बढ़ा
वहीं दूसरी जानिब, केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल 18 नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया है. आयकर विभाग के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) कैडर के 1984 बैच के अधिकारी मिश्रा का पहले से विस्तारित कार्यकाल बृहस्पतिवार को खत्म होना था. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘भारत के राष्ट्रपति ने आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को 18 नवंबर 2021 से 18 नवंबर 2022 तक, या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, आगे एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवर्तन निदेशालय निदेशक के रूप में बढ़ा दिया है.’’
मिश्रा के सेवा विस्तार को कोर्ट में पहले दी गई थी चुनौती
मिश्रा (61) को पहली बार 19 नवंबर 2018 को एक आदेश द्वारा दो साल की अवधि के लिए ईडी निदेशक नियुक्त किया गया था. बाद में 13 नवंबर 2020 के एक आदेश द्वारा नियुक्ति पत्र को केंद्र सरकार द्वारा पूर्व प्रभाव से संशोधित किया गया और दो साल के उनके कार्यकाल को तीन साल के कार्यकाल में बदल दिया गया. केंद्र के 2020 के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी जिसने विस्तार आदेश को बरकरार रखा लेकिन शीर्ष अदालत ने कहा था कि मिश्रा को आगे कोई विस्तार नहीं दिया जा सकता है.
अध्यादेश लाकर सरकार ने बढ़ाया है अफसरों का कार्यकाल
हाल ही में, सरकार ने दो अलग-अलग अध्यादेशों के माध्यम से 14 नवंबर को मामला-दर-मामला यानी केस-टू-केस के आधार पर सीबीआई, ईडी निदेशकों के कार्यकाल को दो साल की अवधि से बढ़ाकर पांच साल कर दिया है. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित अध्यादेश में विस्तार से बताया गया है कि सीबीआई और ईडी निदेशकों को उनकी नियुक्ति के प्रारंभिक वर्षों (दो वर्ष) को पूरा करने के बाद हर साल पांच साल तक का विस्तार दिया जा सकता है. अध्यादेशों में यह भी प्रावधान है कि कुल मिलाकर पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद ऐसा कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा.
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