Oxygen Crisis: दिल्ली HC के तौहीने अदालत नोटिस पर रोक, SC की केंद्र को कल तक की मोहलत

Delhi Oxygen Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तौहीन अदालत नोटिस पर रोक का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन के हालात पर सुनवाई से मना कर दिया गया है. हाईकोर्ट सुनवाई जारी रखेगी.

Oxygen Crisis: दिल्ली HC के तौहीने अदालत नोटिस पर रोक, SC की केंद्र को कल तक की मोहलत
फाइल फोटो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के मरकज़ी हुकूमत के अफसरों को तौहीने अदालत के लिए वजह बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है.  इसका मतलब अब अदालत में तौहीन का केस नहीं चलेगा. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना 700 MT ऑक्सीजन देने के हुकम में बदलाव से इनकार कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा ने कहा कि हालांकि, हाईकोर्ट रोजाना मामले की सुनवाई कर रहा है. लेकिन अफसरों के खिलाफ तौहीन की कार्रवाई से कोई हल नहीं निकलेगा. मुल्क इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है. ऐसे में सभी को एक साथ काम करना चाहिए. लोगों की जिंदगी बचानी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे वक़्त में जब मुल्क एक इंसानी बोहरान से गुज़ार रहा है, हमें इस बोहरान से निकलने के लिए हल तलाश करने की ज़रूरत है. जब सुप्रीम कोर्ट किसी मामले पर गौर करती है तो उसे पूरे मुल्क के हालात के एतबार से देखना होता है. हम सॉलिसिटर जनरल की इस बात से बिल्कुल मुत्तफिक़ हैं कि दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग के लिए खास ऑडिट होना चाहिए. ताकि पता चले कि 2021 में दिल्ली में कितनी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है. 

यह भी पढ़ें: पिता की जलती चिता में कूद गई बेटी, कहा- जब वो ही नहीं रहे तो मैं जी कर क्या करूंगी

'गुरुवार सुबह 10.30 बजे तक करें प्लान सबमिट' : सुप्रीम कोर्ट
मरकज़ी हुकूमत की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को कहा कि दिल्ली की मांग ज्यादा है. इसके एतबार से वसाइल की भीर जरूरत है और फिलहाल दिल्ली में 500 MT ऑक्सीजन (Oxygen) से काम चल सकता है. इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने 700 MT का हुक्म दिया है. ये एक कौमी आफत है. ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौत हुई है. अदालत ने साफ कहा कि दिल्ली को 700 MT ऑक्सीजन मिलना चाहिए, उससे कम हमें मंजूर नहीं होगा.

यह भी पढ़ें: इन पांच देशों से 2,717 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लेकर भारत पहुंचे इंडिगो के विमान

उसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मरकज़ी हुकूमत से गुरुवार सुबह 10.30 बजे तक अपना प्लान सबमिट करने को कहा है और कहा है कि हुकूमत ये बताए कि ह दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई कैसे करेगी.

दरअसल मरकज़ी हुकूमत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज कर दिया था जिसमें हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन फराहमी को लेकर दिए गए हुक्म की अवमानना की बात कही थी. इस मामले की लगातार सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही थी.

यह भी पढ़ें: अब जानवरों में भी फैला Coronavirus, हैदराबाद के चिड़ियाघर में 8 शेर इस वबाई मर्ज़ से मुत्तासिर

क्या कहा था दिल्ली हाई कोर्ट ने
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप आंखें मूंद सकते हैं लेकिन हम नहीं. दिल्ली में लोग मर रहे हैं और आपको यह मजाक लग रहा है. यह बेहद हस्सास और बदकिस्मती भरा मामला है. हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा था कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में उसके हुक्म पर अमल क्यों नहीं किया गया. साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा था कि सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं की जानी चाहिए. 

ZEE SALAAM LIVE TV