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नई दिल्ली: हिंदुस्तान के लगभग सभी अंदरूनी मसलों में दखल देने और हर मुहाज़ पर शिकस्त देने वाला पाकिस्तान अब कुलभूषण जाधव के मसले में आलमी अदालत (ICJ) के हुक्म को मानने में आनाकानी कर रहा है. पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले में हिंदुस्तानी वकील मुहैया कराने को तैयार नहीं है.
पाकिस्तान दावा कर रहा है कि वहां (पाकिस्तान) की जेल में बंद हिंदुस्तानी शहरी कुलभूषण जाधव ने अपनी सजा के मद्देनजर रिव्यू पिटीशन अर्ज़ी दाखिल करने से इनकार कर दिया है. इसके बदले उन्होंने रहम की अर्ज़ी की गुजारिश की है.
पाकिस्तान के एडीशनल अटॉर्नी जनरल अहमद इरफान ने कहा, ''कुलभूषण जाधव से सज़ा से मुतअल्लिक रिव्यू पिटीशन दाखिल करने को कहा गया था. उन्होंने अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया.''
20 मई को आलमी अदालत (ICJ) के अहकामात के पसेमंज़र में पाकिस्तान एक ऑर्डिनेंस लाया था. उसके तहत उनको दो महीने के अंदर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अपील करनी थी. 17 जून को जाधव को रिव्यू पिटीशन दाखिल करने का मौका दिया गया था.
पाकिस्तान ने ये भी दावा किया कि उसने हिंदुस्तानी हाई कमीशन से भी बार-बार इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इस से मुतअल्लिक रिव्यू पिटीशन के लिए कहा था. इसके साथ ही पाकिस्तान ने ये भी कहा कि वह जाधव को दूसरा काउंसलर एक्सेस भी देने को तैयार है. हिंदुस्तानी हुकूमत ने अभी इस मसले पर कोई तबसिरा नहीं किया है.
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