रफाल के भारत आने से पाकिस्तान-चीन की बढ़ी बेचैनी, दे रहे हैं उल्टे सीधे बयान

पाकिस्तानी वज़ारते खारजा की तरजुमान आयशा फारूकी ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह बेहद परेशान करने वाला है कि भारत अपनी ज़रूरतों से अधिक सैन्य साजो-सामान जमा कर रहा है.

रफाल के भारत आने से पाकिस्तान-चीन की बढ़ी बेचैनी, दे रहे हैं उल्टे सीधे बयान
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: हिंदुस्तान में रफाल के आते ही पड़ोसी मुल्कों को बेचैनी होने लगी है. जिसको लेकर वो बे बुनियाद और उल्टे सीधे बयान दे रहे हैं. एक तरफ चीन ने जहां राफेल को लेकर बेतुका बयान दिया है वहीं दूसरी जानिब पाकिस्तान का कहना है कि हिंदुस्तान ज़रूरतो से ज्यादा फौजी साज़ो सामान जमा कर रहा है. 

पाकिस्तानी वज़ारते खारजा की तरजुमान आयशा फारूकी ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह बेहद परेशान करने वाला है कि भारत अपनी ज़रूरतों से अधिक सैन्य साजो-सामान जमा कर रहा है. ऐसा करके वह दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है. हिंदुस्तान के ज़रिए सलाहियत से ज्यादा हथियार जुटाना पाकिस्‍तान के लिए भी अच्छा इशारा नहीं है. आलमी तबके को इस पर ध्‍यान देना चाहिए.

दूसरा जानिब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने फौजी माहिरीन के हवाले से कहा है कि रफाल सिर्फ थर्ड-प्लस जनरेशन का लड़ाकू तय्यारा है और यह चौथी नस्ल के J-20 का मुकाबला नहीं कर सकता. रफाल केवल थर्ड-प्लस जनरेशन का लड़ाकू विमान है और यह चौथी पीढ़ी के J-20 का मुकाबला नहीं कर सकता. कुछ जंगी मुज़ाहिरे के इलाकों में रफाल हिंदुस्तानी एयरफोर्स के Su-30 MKI से बेहतर है लेकिन यह केवल थर्ड-प्लस जनरेशन का लड़ाकू तय्यारा है और इसलिए कोई ज्यादा बड़ी तब्दीली पैदा नहीं करता.

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