)
Pakistan News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में निजामपुर के काही इलाके में बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर पोलियो टीकाकरण टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी. स्थानीय मीडिया ने बताया कि पिछले तीन दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना है. कांस्टेबल की पहचान खेशगी निवासी मकसूद (35) के रूप में की गई है.
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब महिला स्वास्थ्यकर्मी एक घर में बच्चों को पोलियो की दवा पिला रही थी. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए और अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू होने के बाद से तीन दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना है. इससे पहले मंगलवार को, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में पोलियो टीकाकरण दल की सुरक्षा में तैनात एक लेवी कांस्टेबल की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वात के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मुहम्मद उमर खान के मुताबिक, मारा गया लेवी कांस्टेबल दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों वाली एक पोलियो टीम के साथ अपनी ड्यूटी कर रहा था. खान ने कहा, "जब कांस्टेबल पर हमला हुआ, तब स्वास्थ्यकर्मी एक घर के अंदर बच्चों को टीके लगा रहे थे, जबकि कांस्टेबल बाहर पहरा दे रहा था." उन्होंने बताया कि घटना के बाद हमलावर मौके से भाग गए थे.
पोलियो टीकाकरण में लगे स्वास्थ्यकर्मियों को अक्सर निशाना बनाया जाता रहा है. मई में बलूचिस्तान के नोश्की जिले में अज्ञात हमलावरों की गोली गोलीबारी में टीकाकरण दल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई थी, जबकि फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में एक अन्य पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी. 2024 में खैबर पख्तूनख्वा में पोलियो विरोधी अभियानों के दौरान 20 लोग मारे गए और 53 अन्य घायल हुए. पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के केवल दो ऐसे देश हैं जहां वाइल्ड पोलियोवायरस के मामले अभी भी सामने आते रहते हैं. सुरक्षा संबंधी मुद्दों, टीकाकरण में हिचकिचाहट और गलत सूचना जैसी चुनौतियों के कारण पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन के प्रयास धीमे हो गए हैं.
इनपुट-आईएएनएस