पाकिस्तान ने श्रीनगर-शारजाह उड़ान के लिए अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया. इस वजह से उड़ान को एक लंबा रास्ता तय करना पड़ा.
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नई दिल्लीः पाकिस्तान ने मंगलवार को ‘गो फर्स्ट’ (GO FIRST) की श्रीनगर-शारजाह उड़ान के लिए अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया. सरकारी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी है. अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान के इस इनकार की वजह से उड़ान को एक लंबा रास्ता तय करना पड़ा और संयुक्त अरब अमीरात में अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए गुजरात से होकर गुजरना पड़ा. ‘गो फर्स्ट’, जिसे पहले गोएयर के नाम से जाना जाता था, ने 23 अक्टूबर से श्रीनगर और शारजाह के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत की थी. इस सेवा का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने घाटी की अपनी यात्रा के दौरान किया था.
ग्यारह साल बाद जम्मू-कश्मीर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच यह पहली सेवा है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फरवरी 2009 में श्रीनगर-दुबई उड़ान शुरू की थी, लेकिन कम मांग की वजह से कुछ वक्त बाद इसे बंद कर दिया गया था.
31 अक्टूबर तक गोएयर के विमानों को दी थी उड़ान की इजाजत
अधिकारियों के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक गोएयर की श्रीनगर-शारजाह उड़ान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजर रही थी. उन्होंने कहा कि हालांकि, पाकिस्तान ने मंगलवार को उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी, और इसलिए इस उड़ान को एक लंबा रास्ता तय करना पड़ा और गुजरात से होकर जाना पड़ा. अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अभी तक उड़ान की अनुमति देने से इनकार करने की कोई वजह नहीं बताई है. इस मामले पर गो फर्स्ट की ओर से तत्काल कोई बयान या टिप्पणी सामने नहीं आई है.
शाह ने किया था श्रीनगर-शारजाह सेवा का उद्घाटन
इस उड़ान सेवा का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा था कि श्रीनगर-शारजाह सेवा के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा था, ‘‘श्रीनगर और जम्मू के कई लोग हैं जो खाड़ी देशों में बसे हुए हैं. कई पर्यटक हैं जो खाड़ी देशों से जम्मू-कश्मीर आना चाहते हैं. श्रीनगर-शारजाह उड़ानों के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने वाला है.’’
मोदी के विमान को पाक दे चुका है अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति
अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली जाने के वास्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष उड़ान को शुक्रवार को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी. उन्होंने कहा कि इटली से उनकी वापसी की उड़ान को भी बुधवार को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी गई है.
पाकिस्तान के इनकार से क्या फर्क पड़ेगा
अगर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है तो श्रीनगर-शारजाह उड़ान का वक्फा लगभग तीन घंटे है. हालांकि, पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र के माध्यम से उड़ान की अनुमति देने से इनकार कर दिया है तो अब इसमें लगभग एक घंटा और लगेगा, जिससे ईंधन और टिकट की लागत बढ़ जाएगी.
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैः उमर अब्दुल्ला
पाकिस्तान की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, जम्मू-कश्मीर के साबिक मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण. पाकिस्तान ने 2009-2010 में श्रीनगर से दुबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान के साथ भी ऐसा ही किया था. मुझे उम्मीद थी कि गो फर्स्ट एयरवेज को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की इजाजत देना संबंधों में तनाव कम करने का संकेत है. ऐसा नहीं होना चाहिए था.’’
यह केंद्र सरकार का सिर्फ फालतू पीआर प्रोग्राम थाः महबूबा
केंद्र पर इल्जाम लगाते हुए, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, ‘‘‘हैरानी की बात है कि भारत सरकार ने श्रीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए उससे इजाजत लेने की भी जहमत नहीं उठाई. बिना किसी जमीनी काम के सिर्फ फालतू पीआर कार्यक्रम.’’
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