Pakistan: पाकिस्तान ने एक बार फिर ओछी हरकत की है. तुर्की के लिए जा रही राहत सामग्री को पाक ने एयरस्पेस देने से इंकार कर दिया. जिसके बाद सिक्योरिटी फोर्स और दूसरी टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है.
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Pakistan: तुर्की में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे एक भारतीय एनडीआरएफ विमान को पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से मना कर दिया. जिसके बाद प्लेन को एक लंबा चक्कर लगाना पड़ा. आपको जानकारी के लिए बता दें तुर्की इस वक्त भूकंप के कहर से परेशान है. 4 हजार से ज्यादा लोग देश में जान गवा चुके हैं. ऐसे में पाकिस्तान का एयरस्पेस ना देना बेहद शर्मनाक हरकत मानी जा रही है. एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार तुर्की के एंबेसेडर फिरात सुनेल ने तुर्की को सहायता भेजने के लिए भारत को धन्यवाद दिया और कहा, "ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है."
आपको जानकारी के लिए बता दें भारतीय राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें पहले ही आधुनिक ड्रिलिंग उपकरण, मेडिक्स और बचाव कुत्तों के साथ तुर्की के अदाना हवाई अड्डे पर उतर चुकी है. लेकिन उन्हें इसब बीच कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस देने से इंकार कर दिया था. जिसके बाद हवाई जाहज को एक लंबा रास्ता कवर करके जाना पड़ा.
आपको जानकारी के लिए बता दें कुछ महीनों पहले अफगानिस्तान भुखमरी की कगार पर पहुंच गया था. भारत ने एयरप्लेन से लोगों के लिए अनाज भेजा था. उस वक्त भी पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से मना कर दिया था. लेकिन बाद में मानवीय आधार पर इसकी इजाजत दे दी थी. हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरा पर गए थे. उस वक्त भी पाकिस्तान ने यही हरकत की थी. जिसके बाद प्लेन को एक लंबा चक्कर काटकर अमेरिका जाना पड़ा था.
तुर्की के राजदूत ने तुर्की को मदद के लिए भारत को धन्यवाद देने के लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया- “दोस्त तुर्की और हिंदी में एक आम शब्द है… हमारे पास एक तुर्की कहावत है: “दोस्त करा गुंडे बेली ओलुर” (ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है). आपका बहुत-बहुत धन्यवाद,"
पीएमओ ने एक बयान में कहा था, कि राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें, जिनमें विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड और आवश्यक उपकरण के साथ 100 कर्मी शामिल हैं, खोज और बचाव कार्यों के लिए भूकंप प्रभावित क्षेत्र में जाने के लिए तैयार हैं. “आवश्यक दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ मेडिकल टीमों को भी तैयार किया जा रहा है. राहत सामग्री तुर्की सरकार और अंकारा में भारतीय दूतावास और इस्तांबुल में महावाणिज्य दूतावास के समन्वय से भेजी जाएगी.