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ईरान पहुंचे हैं पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, जानें दौरे के पीछे क्या है असली मकसद?

Shehbaz Sharif Iran Visit: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चार मुस्लिम देशों के दौरे पर हैं. तुर्की और ईरान में भारत-पाक तनाव पर चर्चा की गई. पाकिस्तान मुस्लिम देशों को अपने पक्ष में करने और भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.

ईरान पहुंचे हैं पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, जानें दौरे के पीछे क्या है असली मकसद?

Shehbaz Sharif Iran Visit: पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ चार मुस्लिम देशों के दौरे पर हैं. उन्होंने इस दौरे की शुरुआत तुर्की से की, जहां शहबाज शरीफ राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन से मुलाकात की और दोनों देशों के मुखिया ने आपसी संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की. तुर्की के बाद पाकिस्तानी पीएम ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं. जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के मुखिया ने कई मुद्दों पर बातचीत की है. 

पाकिस्तानी पीएम की तुर्की यात्रा का उद्देश्य तुर्की के लोगों और खासकर राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन को हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान उनके मजबूत सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद देना था. अब शाहबाज शरीफ ईरान में हैं. ईरान भी उन देशों में शामिल है, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी. 

पहलगाम हमले के बाद पाक-भारत में तनाव
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ बड़ा कार्रवाई की थी. सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकी ठिकानों पर भीषण बमबारी की थी, जिसमें कम से कम 100 आतंकियों की मौत हो गई थी. इस हमले से पाकिस्तान बौखला गया और भारत पर हमले शुरू कर दिया. हालांकि, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हर नापाक हरकत को नाकाम कर दिया. 

अहम माना जा रहा है पाकिस्तान का दौरा
इस युद्ध के दौरान तुर्की, अजरबैजान, ईरान का दौरा करेंगे और यह दौरा पाकिस्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान मुस्लिम देशों को भारत के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में कई मुस्लिम देशों का झुकाव भारत की तरफ ज्यादा है. भारत-पाक तनाव के बीच सऊदी अरब और कई मुस्लिम देशों ने पाकिस्तान का समर्थन नहीं किया था. इन देशों ने दोनों देशों से शांति की अपील की. विदेशी मामलों का जानकारों का कहना है कि यही वजह है कि पाकिस्तान एक बार फिर मुस्लिम देशों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति का बड़ा फैसला
पाकिस्तान सरकार ने संकेत दिया है कि वह पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल लंदन, वाशिंगटन और ब्रुसेल्स भेजेगी. पीएम कार्यालय के मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल 'वैश्विक स्तर पर भारत के दुष्प्रचार और नापाक साजिशों को उजागर करेगा.' वहीं, दूसरी तरफ भारत ने पाकिस्तान को नंगा करने के लिए भारतीय सांसदों को डेलिगेशन कई देशों में भेजा है.

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