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पुंछ: पाकिस्तान की गोलाबारी से लोगों के घरो का नुकसान तो होता ही है. साथ ही इस गोलाबारी से लोगों की ज़िंदगियां भी बर्बाद हो जाती है. ऐसे ही पुंछ के सरहदी गांव दालान के रहने वाले मोहम्मद ताज 2008 में पाकिस्तान की गोलाबारी से ज़ख्मी हो गए थे. इस गोलाबारी में मोहम्मद ताज की एक आंख चली गई लेकिन एक आंख गंवा चुके मोहम्मद ताज को अभी भी सरकारी मदद की इंतजार है.
सरहदी ज़िला पुंछ में अक्सर पाकिस्तान की तरफ से ज़बरदस्त गोलाबारी होती रहती है. जिस से सरहदी गांव के कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई बुरी तरह से ज़ख्मी हो जाते हैं. उन्हीं में से एक दालान गांव के मोहम्मद ताज हैं. जो पाकिस्तानी गोलाबारी से जख्मी हो गए थे. इस गोलाबारी में मोहम्मद ताज की आंख चली गई थी और दूसरी आख की रौशनी कम हो गई थी. आंख जाने के बाद ताज को उम्मीद दी थी कि हुकूमत की तरफ उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी लेकिन आज तक भी कोई उनका हाल पूछने नहीं आया. यहां तक कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से पेंशन तक भी नहीं मिली.
ज़ी मीडिया से बात करते हुए मोहम्मद ताज ने बताया कि कई बार सरकारी दफ्तरों के चककर लगाने के बाद भी आज तक मोहम्मद ताज को मदद नहीं मिली. आज भी मोहम्मद ताज उस दिन को याद करके रोने लगता है. वहीं मोहम्मद ताज की अहलिया सरीना बी का कहना है की हमारे घर का खर्चा बड़ी मुश्किल से चल रहा. उनके शौहर काम पर जा नहीं सकते और ना कोई काम कर सकते हैं. हम चाहते हैं कि हुकूमत हमारी कुछ मदद करे.
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