मशहूर उर्दू साहित्यक, नाटककार और संगीतकार इरशाद खान सिंकदर का 18 मई की शाम तकरीबन 6 बजे हार्ट अटैक से इंतकाल हो गया है. इरशाद खान की शायरी और आवाज के जुगलबंदी के लोग बेहद दिवाने है. देखें इरशाद खान की चुनिंदा दिल छू जाने वाली शायरियां..
Irshad Khan Sikander: मशहूर उर्दू साहित्यक, नाटककार और संगीतकार इरशाद खान सिंकदर का 18 मई की शाम तकरीबन 6 बजे हार्ट अटैक से इंतकाल हो गया है. इरशाद खान की शायरी और आवाज के जुगलबंदी के लोग बेहद दिवाने है. देखें इरशाद खान की चुनिंदा दिल छू जाने वाली शायरियां..
1/8खींच लाई है मोहब्बत तिरे दर पर मुझ को इतनी आसानी से वर्ना किसे हासिल हुआ मैं
2/8बूढ़ी माँ का शायद लौट आया बचपन गुड़ियों का अम्बार लगा कर बैठ गई
3/8मिरे ख़िलाफ़ सभी साज़िशें रचीं जिस ने वो रो रहा है मिरी दास्ताँ सुनाता हुआ
4/8कल तेरी तस्वीर मुकम्मल की मैं ने फ़ौरन उस पर तितली आ कर बैठ गई
5/8रिश्ता बहाल काश फिर उस की गली से हो जी चाहता है इश्क़ दोबारा उसी से हो
6/8हमीं तुम से हमेशा मिलने आएँ क्यूँ तुम्हारे पाँव में मेहंदी लगी है क्या
7/8मुद्दतों आँखें वज़ू करती रहीं अश्कों से तब कहीं जा के तिरी दीद के क़ाबिल हुआ मैं
8/8कर गया ख़मोश मुझ को देर तक चीख़ना वो एक बे-ज़बान का