चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (SCO) समिट में भारत समेत कई देशों ने हिस्सा लिया. इस सम्मेलन में पाकिस्तान और तुर्की भी शामिल हुए. यह खास समिट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार इन तीनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने आए.
1/6पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर मालदीव, मिस्र, ताजिकिस्तान और कज़ाख़स्तान जैसे मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं से मुलाकात की. इन मुलाकातों में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और आपसी सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई.
2/6भारत ने इन देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया, जिससे पाकिस्तान और तुर्की को मिर्ची लग सकती है.
3/6भारत और मुस्लिम बहुल मालदीव के संबंध विकास सहयोग पर आधारित हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन में मालदीव के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक हुई. मुलाकात के बाद पीए मोदी ने एक्स पर लिखा, “मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाक़ात की. भारत और मालदीव के बीच विकास सहयोग से दोनों देशों के लोगों को बड़ा फ़ायदा हो रहा है.”
4/6मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा मैडबौली ने SCO समिट में हिस्सा लिया है. इस बीच मिस्र के प्रधानमंत्री से पीएम मोदी की अहम मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद पीएम ने एक्स पर लिखा, ''मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा मैडबौली से मुलाक़ात हुई. कुछ साल पहले का मिस्र दौरा याद आया. भारत और मिस्र की दोस्ती लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं.''
5/6ताजिकिस्तान मुस्लिम-बहुल देश है और भारत से ऐतिहासिक-सांस्कृतिक जुड़ाव रखता है. पीएम नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन में ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद पीएम ने एक्स पर लिखा, “ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन से मिलना हमेशा सुखद होता है. भारत और ताजिकिस्तान के व्यापार और सांस्कृतिक रिश्ते लगातार मज़बूत हो रहे हैं.”
6/6कज़ाख़स्तान इस्लामिक परंपराओं वाला मुस्लिम-बहुल राष्ट्र है. SCO समिट में पीएम मोदी ने कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति तोकायेव से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति तोकायेव से अच्छी बातचीत हुई. हमारे देश ऊर्जा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और दवा जैसे कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.”