Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1575453
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंउर्दू में खून से लिखी चिट्टी गले में लटकाकर उतरा कबूतर; कोई नहीं पढ़ पाया सन्देश

उर्दू में खून से लिखी चिट्टी गले में लटकाकर उतरा कबूतर; कोई नहीं पढ़ पाया सन्देश

यह मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर के कथारा गांव का है, जहां एक कबूतर गले में चिट्ठी लेकर उड़ता हुआ आया और एक किसान के घर पर बैठ गया. इसे लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. 

उर्दू में खून से लिखी चिट्टी गले में लटकाकर उतरा कबूतर; कोई नहीं पढ़ पाया सन्देश

कानपुरः दुनिया में डाक और तार सेवा की शुरुआत होने से पहले पुराने जमाने में खत पहुंचाने के लिए कबूतरों का इस्तेमाल किया जाता था. कई बार ऐसा हिंदी फिल्मों में भी दिखाया गया है. हिंदी फिल्म 'मैंने प्यार किया’ का वह गीत 'पहली प्यार की पहली चिट्ठी साजन को दे आ... कबूतर जा', भला कौन भूल सकता है. लेकिन क्या आज के जमाने में भी कोई प्रेमी कबूतर के सहारे अपनी प्रेमिका को च्टिठी पहुंचा सकता है... पहली बार में इस तथ्य से कोई सहमत नहीं होगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में गले में चिट्ठी लटकाए हुए पाया गया एक कबूतर लोगों के लिए कौतुहल का विषय बन गया है. इलाके में इस कबूतर और उसके गले में लटकी चिट्ठी की चर्चा हो रही है. खास बात यह है कि वह चिट्ठी भी किसी के लहू में डुबोकर लिखी गई है, जिसे देखकर लोग मान रहे हैं कि किसी दीवाने ने अपने माशूक को ये चिट्ठी भेजी होगी. वहीं, कुछ लोग इसे कोई जादू-टोना या पाकिस्तान की साजिश मान रहे हैं!   

किसान ने पकड़ लिया कबूतर 
यह दिलचस्प वाक्या कानपुर के बिधनू के कथारा गांव में सामने आया है. खबरों के मुताबिक, कथारा गांव के किसान धर्मेंद्र कुशवाहा खेतों में अपने मवेशियों को चरा रहे थे, तभी उन्हें अपने घर के प्रवेश द्वार पर एक भूरे रंग का कबूतर बैठा हुआ दिखाई दिया. कबूतर लगातार गुटरगू किए जा रहा था. धर्मेंद्र  ने जब गौर से कबूतर को देखा तो उसके गले में सफेद धागे से बंधा एक कागज का टुकड़ा नजर आया. धर्मेंद्र ने अपने कुछ पड़ोसियों की मदद से उस कबूतर को पकड़ लिया.

चौकोर घेरा बनाकर उर्दू में लिखे है संदेश 
धर्मेंद्र ने बताया कि पहले मुझे लगा कि यह किसी के लिए प्रेम पत्र है. कागज के टुकड़े को खोलने पर, मैंने देखा कि नीली स्याही से उसमें उर्दू में सात पंक्तियां लिखी हुई थीं. पूरा पाठ एक चौकोर बॉक्स बनाकर उसके बीच में लिखा हुआ था. वहीं, कागज के दूसरी तरफ खून के कुछ धब्बे भी नजर आ रहे थे. गांव में उदू का कोई जानकार नहीं था, इसलिए इसकी सूचना तत्काल पुलिस वालों को दी गई और ग्रामीणों ने कबूतर को एक पिंजरे में बंद कर दिया. 

Add Zee News as a Preferred Source

पुलिस ने कहा, कबूतर के गले में लटका था तावीज 
एसीपी घाटमपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि कबूतर अपने गले में ताबीज बांधे हुए था. पुलिस ने पिंजरे में बंद कबूतर को छोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह उड़ा नहीं और बार-बार लौटकर किसान के घर आ जाता है. पुलिस ने कबूतर और उसके गले में लटकी चिट्ठी को लेकर किसी तरह के खतरे की कोई बात नहीं बताई है, लेकिन उसकी जांच की जा रही है. हालांकि, इलाके में उस भूरे कबूतर और उसके गले में लटके तावीजनुमा चिट्ठी को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं और आशंकाएं कम नहीं हो रही है. 

Zee Salaam

TAGS

Trending news