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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासत में हर दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है. पश्चिम बंगाल के मुसलमानों में अच्छी पैठ रखने वाले नेता पीरज़ादा अब्बास सिद्दीकी (Pirzada Abbas Siddiqui) ने अपनी पार्टी (इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF)) का ऐलान कर दिया है. पार्टी की लॉन्चिंग के दौरान उन्होंने कहा है कि वो बंगाल की सियासत में किंगमेकर का किरदार अदा करना चाहते हैं. साथ उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी बंगाल की सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
West Bengal: Pirzada Abbas Siddique, the founder of Furfura Sharif Ahale Sunnatul Jamat, launches Indian Secular Front (ISF) in Kolkata. pic.twitter.com/rqwTYn1UJZ
— ANI (@ANI) January 21, 2021
कौन हैं पीरज़ादा अब्बास सिद्दीकी
अब्बास सिद्दीकी हुगली जिले के जंगीपारा में मौजूद प्रसिद्ध दरगाह फुरफुरा शरीफ के पीरजादा हैं. बता दें कि फुरफरा शरीफ दरगाह अबुबकर सिद्दीकी और उनके पांच बेटों का मजार है. इसे पांच हुजूर किबला भी कहा जाता है. इस दरगाह के बंगाल समेत देशभर में लाखों की सख्या में अनुयायी हैं और यह दरगाह बंगाल विधानसभा की लगभग 100 सीटों पर असर रखती है. वैसे तो यह मुसलमानों की आस्था का केंद्र है लेकिन फिलहाल ये दरगाह बंगाल की सियासत केंद्र बन चुकी है. दरअसल अबुबकर सिद्दीकी के वंशज कहे जाने वाले तोहा सिद्दीक (Toha Siddiqui) और अब्बास सिद्दीकी (Abbas Siddiqui) यहां के पीरजादा हैं और लोगों में इनके प्रति आस्था की भावना है. तोहा सिद्दीकी, अब्बास सिद्दीकी के चाचा हैं.
ओवैसी के साथ मिलकर लड़ सकते हैं चुनाव
दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस महीने की शुरूआत में अचानक पीरजादा अब्बास सिद्दीकी से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ने की रणनीति पर चर्ची की थी. मीटिंग के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा था कि उनकी पार्टी आने वाले समय में अब्बास सिद्दीकी के साथ खड़ी रहेगी और उनका जो भी फैसला होगा वह उनके साथ खड़े रहेंगे. ओवैसी ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने अभी यह तय नहीं किया है कि यह अकेले चुनाव लड़ेगी या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करेगी. हालांकि वो यकीनी तौर पर चुनाव लड़ेंगे और हमारी पार्टी अब्बास सिद्दीकी के फैसलों के साथ खड़ी है. ओवैसी के इस ऐलान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा और बढ़ गई थी.
बंगाल में 30 फीसद मुस्लिम वोट
काबिले ज़िक्र है बंगाल में कुल वोटरों की तादाद में लगभग 30 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. बंगाल के हुगली, बर्धमान, हावड़ा, उत्तर 24 परागना, दक्षिण 24 परागना, मुर्शीदाबाद, मालदा और बीरभूम जिले के लाखों बंग्लाभाषी मुसलमान फुरफुरा शरीफ दरगाह से जुड़े हुए हैं. अब देखना यह होगा कि 2021 के चुनावों में "एम फैक्टर" (मुस्लिम वोट बैंक) किस तरफ जाता है.
पहली बार सियासी मैदान में पीरजादा
पिछले 70 साल से भी ज्यादा वक्त से यहां के पीरजादा अलग-अलग पार्टियों को अपना आशीर्वाद देते आए हैं लेकिन इस बार खुद पीरजादा ही सियासी अखाड़े में हाथ आजमाने उतर आए हैं.
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