प्रधानमंत्री ने कहा- प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत के अंदर ग्लोबल लीडर बनने की सलाहियत
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प्रधानमंत्री ने कहा- प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत के अंदर ग्लोबल लीडर बनने की सलाहियत

प्रधानमंत्री ने सोमवार को डिजिटल भुगतान समाधान ‘‘ई-रुपी’’ लॉन्च करने के बाद अपने खिताब में कहा कि आज सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 300 से ज्यादा योजनाओं को लाभार्थियों को मुहैया करा रही है और करीब 90 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिल रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा- प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत के अंदर ग्लोबल लीडर बनने की सलाहियत

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत आज दुनिया के किसी भी देश से पीछे नहीं है और वह इनोवेशन और सेवा फराहम करने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के मामले में वैश्विक नेतृत्व की सलाहियत रखता है. प्रधानमंत्री ने यह बात डिजिटल भुगतान समाधान ‘‘ई-रुपी’’ लॉन्च करने के बाद अपने खिताब में कही. उन्होंने कहा कि आज सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 300 से ज्यादा योजनाओं को लाभार्थियों को मुहैया करा रही है और करीब 90 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि एक लाख पैंतीस हजार करोड़ रुपये अब तक सीधे बैंक खातों में पहुंचाए गए हैं. इस बार सरकार ने खाद्यान्नों की खरीदी की है और उसके लगभग 85 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं.

भारत में ग्लोबल लीडरशिप देने की सलाहियत 
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से सरकार ने तकरीबन पौने दो करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए हैं. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि प्रौद्यागिकी को अपनाने में वह किसी से भी पीछे नहीं हैं. इनोवेशन की बात हो, सर्विस डिलीवरी में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है. मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी प्रगति को जो गति दी है, उसमें भी प्रौद्योगिकी की भूमिका बहुत अहम है.

कोविन मंच दुनिया को आकर्षित कर रहा है
कोविड महामारी के दौरान प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से लोगों को मदद पहुंचाने के लिए तैयार किए आरोग्य सेतु एप और टीकाकरण के लिए बनाए गए कोविन पोर्टल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के लोगों को इनका फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर पुरानी व्यवस्था चल रही होती तो टीका लगाने के बाद प्रमाणपत्र के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ती. भारत का कोविन मंच आज दुनिया को आकर्षित कर रहा है.

प्रौद्योगिकी का फायदा मुल्क के गरीब और पिछड़े को मिल रहा है 
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बदलावों का सबसे ज्यादा फायदा मुल्क के गरीब, पिछड़े और वंचित समुदायों को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि देश में डिजिटल संसाधन और डिजिटल लेनदेन के लिए जो काम पिछले छह-सात वर्षों में हुआ है, उसका लोहा आज दुनिया मान रही है. विशेषकर भारत में फिनटेक का बहुत बड़ा आधार तैयार हुआ है. ऐसा आधार तो बड़े-बड़े देशों में भी नहीं है. आज हम प्रौद्योगिकी को गरीबों की मदद के, उनकी प्रगति के एक टूल के तौर पर  देख रहे हैं.’’

आज देश की सोच अलग और नई है 
विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि पहले हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि प्रौद्योगिकी तो केवल अमीरों की चीज है. उन्होंने कहा कि वह कहते थे कि भारत तो गरीब देश है इसलिए भारत के लिए प्रौद्योगिकी का क्या काम. जब हमारी सरकार प्रौद्यागिकी को मिशन बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़े करते थे, लेकिन आज देश ने उन लोगों की सोच को नकारा भी है, और गलत भी साबित किया है. आज देश की सोच अलग है, नई है.

क्या है ‘ई-रुपी’ 
‘ई-रुपी’ डिजिटल भुगतान के लिए एक कैशलेस और संपर्क रहित माध्यम है. ‘‘ई-रुपी’’ को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है.आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और उर्वरक सब्सिडी आदि के लिए भी लाभार्थियों को ई-वाउचर के जरिए लाभ पहुंचाया जा सकता है. लाभ वाउचर के रूप में ट्रांसफर होंगे, ऐसे में इनका उपयोग उन्हीं काम के लिए किया जाएगा, जिसके लिए दिया गया है.

 कैसे करता है ये काम

लाभार्थी अपने मोबाइल फोन पर एक क्यूआर कोड या एक एसएमएस-आधारित इलेक्ट्रॉनिक वाउचर पा सकते हैं. ई-वाउचर का लाभ उठाने के लिए उन्हें कार्ड, डिजिटल भुगतान ऐप या यहां तक ​​कि इंटरनेट बैंकिंग की जरूरत नहीं है. उदाहरण के तौर पर आपने एक प्रोडेक्ट खरीदा और खरीदारी पर वाउचर मिला. ई-आरयूपीआई में आपको वाउचर को हार्ड कॉपी लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी. वाउचर आपके मोबाइल फोन पर क्यूआर कोड या एसएमएस के रूप में भेजा जा सकता है. डिजिटल समाधान पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह लेनदेन पूरा होने के बाद ही भुगतान सुनिश्चित करता है. प्री-पेड होने की वजह से बिना किसी बिचौलिए के सर्विस प्रोवाइडर को समय पर भुगतान होगा.

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