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हैदराबादः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 11वीं सदी के वैष्णव संत श्री रामानुजाचार्य की याद में यहां 216 फुट ऊंची ’स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी’ प्रतिमा का अनावरण (Prime Minister Narendra Modi on Saturday unveiled a 216-feet tall statue of equality commemorating the 11th-century Saint Ramanujacharya) कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया. इससे पहले, प्रधानमंत्री ने श्रीरामनगर स्थित रामानुजाचार्य के मंदिर परिसर स्थित एक यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की. उन्होंने परिसर में बने 108 दिव्य देशम (सजावटी रूप से नक्काशीदार मंदिर) की परिक्रमा भी की. यह दिव्य देशम ‘‘स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी’’ के चारों तरफ बने हुए हैं.
Telangana | Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 216-feet tall 'Statue of Equality' commemorating the 11th-century Bhakti Saint Sri Ramanujacharya in Shamshabad pic.twitter.com/dxTvhQEagz
— ANI (@ANI) February 5, 2022
दुनिया में सबसे ऊंची धातु की प्रतिमाओं में से एक
‘‘स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी’’ का उद्घाटन, रामानुजाचार्य की वर्तमान में जारी 1000 वीं जयंती समारोह यानी 12 दिवसीय श्री रामानुज सहस्राब्दि समारोह का हिस्सा है. कार्यक्रम के दौरान संत रामानुजाचार्य की जीवन यात्रा और शिक्षा पर थ्रीडी ‘प्रजेंटेशन मैपिंग’ का भी प्रदर्शन किया गया. यह प्रतिमा ’पंचधातु’ से बनी है जिसमें सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता का एक संयोजन है और यह दुनिया में बैठी अवस्था में सबसे ऊंची धातु की प्रतिमाओं में से एक है.
मूर्ति परिसर की अन्य सुविधाएं
यह 54-फुट ऊंचे आधार भवन पर स्थापित है, जिसका नाम ’भद्र वेदी’ है. इस परिसर में वैदिक डिजिटल पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र, प्राचीन भारतीय ग्रंथ, एक थिएटर, एक शैक्षिक दीर्घा हैं, जो संत रामानुजाचार्य के कई कार्यों की याद दिलाते हैं. श्री रामानुजाचार्य ने राष्ट्रीयता, लिंग, नस्ल, जाति या पंथ की परवाह किए बिना हर इंसान की भावना के साथ लोगों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया था.
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