उन्होंने कहा कि नई तालीम पॉलिसी के लिए मुल्क भर से करीब 2 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने सुझाव दिए थे. उन सब सुझावों का पर गौर करने के बाद इस पॉलिसी को हत्मी शक्ल (अंतिम रूप) दी गई है.
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नई दिल्ली: नई कौमी तालीम पॉलिसी 2020 को लेकर हुए इजलास को खिताब करते हुए वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई तालीम पॉलिसी से खुदकफील हिंदुस्तान का अज़्म (आत्मनिर्भर भारत का संकल्प) पूरा होगा. पीएम मोदी ने कहा कि नई तालीम पॉलिसी पर बहुत गौर ओ खोज़ किया गया है.
वज़ीरे आज़म ने कहा कि नई तालीम पॉलिसी से टीचर्स, वालिदैन (अभिभावक) और तलाब (स्टूडेंट्स) जितना जुड़े रहेंगे, उतना ही प्रासंगिक रहेगा. उन्होंने कहा कि नई तालीम पॉलिसी के लिए मुल्क भर से करीब 2 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने सुझाव दिए थे. उन सब सुझावों का पर गौर करने के बाद इस पॉलिसी को हत्मी शक्ल (अंतिम रूप) दी गई है.
उन्होंने आगे कहा कि नई यह पॉलिसी रटने के बजाय सीखने पर फोकस करती है, यह Curriculum से आगे बढ़कर Critical Thinking पर ज़ोर देती है. इस पॉलिसी में Process से ज्यादा Passion, Practicality और Performance पर बल दिया गया है. इसमें foundational, learning और languages पर भी फोकस है.
वज़ीरे आज़म ने कहा, 'तालीम पॉलिसी क्या हो, कैसी हो, उसकी बुनियाद क्या हो, इस तरफ मुल्क एक कदम आगे बढ़ा है. तालीमी निज़ाम की जिम्मेदारी से मरकज़, सूबाई हुकूमतें, स्थानीय लोकल बॉडीज़, सभी जुड़े होते हैं लेकिन ये भी सही है कि शिक्षा नीति में हुकूमत, उसका दखल, उसका असर, कम से कम होना चाहिए.
पीएम ने कहा कि गांव में कोई शिक्षक हो या फिर बड़े-बड़े माहिरे तालीम, सबको कौमी तालीमी पॉलिसी, अपनी पॉलिसी लग रही है. सभी के मन में एक जज़्बा है कि पहले की पॉलिसी में यही सुधार तो मैं होते हुए देखना चाहता था. ये एक बहुत बड़ी वजह है. आज दुनिया मुस्तकबिल में तेजी से बदलते जॉब, काम के तरीके को लेकर चर्चा कर रही है. ये पॉलिसी मुल्क के नौजवानों को मुस्तकबिल की ज़रूरतों के मुताबिक तालीम और महारत दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी.'
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