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हिंदुस्तान की नई उम्मीदों और ज़रूरतों की तकमील का ज़रिया है NEP: पीएम मोदी

कोरोना से बने हालात हमेशा ऐसे ही नहीं रहने वाले हैं. बच्चे जैसे-जैसे आगे बढ़ें, उनमें ज्यादा सीखने के जज़्बे का विकास हो. बच्चों में Mathematical Thinking और Scientific Temperament तैयार हो, ये बहुत ज़रूरी है.''

हिंदुस्तान की नई उम्मीदों और ज़रूरतों की तकमील का ज़रिया है NEP: पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कौमी सिक्योरिटी पॉलिसी- 2020 (NEP-2020) के तहत '21वीं सदी में स्कूली तालीम' पर एक इजलास को खिताब किया. इस दौरान पीएम ने कौमी सिक्योरिटी पॉलिसी को लेकर कहा कि ये नए हिंदुस्तान की, नई उम्मीदों की, नई ज़रूरतों की तकमील का ज़रिया है. 

पीएम मोदी ने कहा के कि नई तालीम पॉलिसी के पीछे पिछले चार-पांच सालों की सख्त मेहनत है, हर शोबे (क्षेत्र), हर सिन्फ (विधा), हर जबान के लोगों ने इस पर दिन रात काम किया है लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है. 

पीएम ने आगे कहा, ''मुझे खुशी है कि कौमी सिक्योरिटी पॉलिसी को लागू करने के इस मुहिम में हमारे प्रिंसिपल्स और टीचर्स पूरे जोश के साथ हिस्सा ले रहे हैं. कुछ दिन पहले वज़ारते तालीम ने मुल्क के टीचर्स से उनके सुझाव मांगे थे. एक हफ्ते के अंदर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं. 

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ये सुझाव कौमी सिक्योरिटी पॉलिसी को और ज्यादा असरदार तरीके से लागू करने में मदद करेंगे. कोरोना से बने हालात हमेशा ऐसे ही नहीं रहने वाले हैं. बच्चे जैसे-जैसे आगे बढ़ें, उनमें ज्यादा सीखने के जज़्बे का विकास हो. बच्चों में Mathematical Thinking और Scientific Temperament तैयार हो, ये बहुत ज़रूरी है.''

पीएम ने अपने खिताब में कहा, ''आज हम सभी एक ऐसे लम्हे का हिस्सा बन रहे हैं, जो हमारे मुल्क के मुस्तकिबल की तामीर की बुनियाद डाल रहा है, जिसमें नए दौर की तामीर के बीज पड़े हैं. नई तालीम पॉलिसी 21वीं सदी के हिंदुस्तान को नई सिम्त देने वाली है. नई राष्ट्रीय कौमी सिक्योरिटी पॉलिसी में 10+2 की पुरानी व्यवस्था को बदलकर 5+3+3+4 की व्यवस्था बहुत सोच-समझकर लागू की गई है. 

इस नई व्यवस्था के तहत अर्ली चाइल्डवुड केयर को एजुकेशल नींव के तौर पर शामिल किया गया है. अब शहरों के प्राइवेट स्कूलों तक महदूद प्लेफुल एजुकेशन गांव में पहुंचेगी. गरीब और महरूम तबके के बच्चे भी स्कूलों में प्लेफुल लर्निंग का हिस्सा बनेंगे. हमें तालीम में आसान और नए-नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा. हमारे ये इस्तेमाल, New Age Learning का बेसिक होना चाहिए- Engage, Explore, Experience, Express और Excel.'

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