Nagpur Violence: नागपुर में हुई हिंसा की जांच में पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें साफ जाहिर हो रहा है कि हिंसा की प्लानिंग तकरीबन दो हजार लोगों ने मिलकर की थी. अब फुटेज की जांच कर उग्रवादियों की पहचान की जा रही है.
Trending Photos
)
Nagpur Violence: नागपुर में हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान को पुलिस ने 19 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था. फहीम खान पर हिंसा को भड़काने और विवादित भाषण देने का इल्जाम लगाया गया है.
नागपुर हिंसा की लगातार जांच में पुलिस जुटी हुई है. हिंसा के मामले में अब एक नया सबूत मिला हैं, जिसमें यह बात सामने आई है कि नागपुर में हिंसा की शुरुआत हंसापुरी इलाके के मस्जिद से हुई थी.
हंसापुरी में मौजूद शिवाजी के नजदीक मस्जिद में हिंसा की प्लानिंग की गई ,जहां उपद्रवियों की बैठक हुई थी. इस बैठक में तकरीबन डेढ़ से दो हजार लोग इकट्ठा हुए थे. बाद में 500 से 600 लोगों का ग्रुप बनाकर अलग-अलग जगहों पर हिंसा की शुरुआत की.
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला
सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक अहम सीसीटीवी फुटेज लगा है, जिसमें साफ तौर पर यह देखा जा सकता है कि किस तरह सैकड़ों लोग बाइक पर सवार होकर हंसापुरी चौक और मस्जिद के आसपास इकट्ठा हो रहे हैं. इन लोगों के पास रुमाल या गमछा था. सीसीटीवी में कई लोग मुंह पर मास्क लगाए हुए नजर आ रहे हैं, ताकि उनका चेहरा पहचान में न आए, लेकिन फिर भी कुछ मुल्जिमों के चेहरे साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं और कुछ गाड़ियों के नंबर प्लेट भी सीसीटीवी में कैद हुए हैं.
फहीम खान
वहीं इस पुरी घटना का मुजरीम फहीम खान को बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि फहीम ने इन उपद्रवियों को उकसाया और हिंसा की प्लानिंग को बढ़ावा दिया था. बता दें कि फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के जिला सद्र और 2024 में नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं.
मुल्जिमों की पहचान में जुटी पुलिस
इन सबूतों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि नागपुर हिंसा अचानक नहीं भड़की, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी.
पुलिस मिली फुटेज की जांच और मुल्जिमों की पहचान करने में जुटी हुई है. अफसरों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मुल्जिमों को बख्शा नहीं जाएगा.
नितेश राणे पर भी उठ रहे है सवाल..
नागपुर हिंसा मामले में नितेश राणे पर भी आवाम के जरिए सवाल उठाए जा रहे हैं. राणे ने औरंगजेब के मकबरे को लेकर कर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है, "औरंगजेब का मकबरा गंदगी है वो यहां रखने लायक नहीं है. उसे शौचालय भी घोषित करेंगे तो गलत नहीं है. हमारे छत्रपति शिवाजी और संभाजी महाराज के साथ जो कुछ भी किया था, उसकी कोई भी गंदगी हमारे राज्य में रखने लायक नहीं है. यही भूमिका हमारे सीएम ने ली है और ये गंदगी अब ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है. सही समय पर आपको ब्रेकिंग न्यूज मिल जाएगी."
हालांकि उनके इस बयान पर न तो पार्टी और न ही पुलिस ने कोई एक्शन लिया है. इससे पहले नितेश ने कहा था कि औरंगजेब की कब्र को तोड़ दिया जाएगा और फिर बाद में मीडिया को उसकी खबर दी जाएगी.