सेक्स वर्कर के बच्चों की आवाज बन रही 'जुगनू' पत्रिका, इस तरह कर रही मदद

त्रैमासिक पत्रिका जुगनू सेक्स वर्कर के बच्चों को नई उम्मीद दे रही है. यहां बच्चे लिखकर अपने सपने को साकार कर रहे हैं. पत्रिका की शुरूआत 1994 में हुई थी.

सेक्स वर्कर के बच्चों की आवाज बन रही 'जुगनू' पत्रिका, इस तरह कर रही मदद

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Siraj Mahi

Siraj Mahi

सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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