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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों को जुलाई में खोल दिया जाएगा. प्राइमरी स्कूलों के खुलने का ये मतलब नहीं कि यहां पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी. अभी 1 जुलाई से स्कूलों के खुलने के बाद सिर्फ टीचर्स और हेडमास्टर्स को ही स्कूल आना होगा. बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा न ही पढ़ाई होगी. इस दौरान टीचर्स को सिलेबस और ऑनलाइन क्लास से जुड़े हुए काम करने होंगे.
ब्लॉक सतह पर सुबह और दोपहर की पाली में 5-5 हेडमास्टर्स को रोस्टर के मुताबिक मौजूद रहना है. एक जुलाई से सभी टीचर्स को मिड डे मील स्कीम के तहत बच्चों को कुकिंग लागत की अदायगी और अनाज बांटना होगा. उन्हें इससे मुतअल्लिक दस्तावेजों की तस्दी मानव संपदा पोर्टल पर करना होगा. मानव संपदा पोर्टल पर मौजूद ब्यौरों की तस्दीक और यू डायस डाटा को भी सही करने का काम इस बीच किया जाएगा.
सूबाई हुकूमत की जानिब से तय किया गया है कि मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशालाएं चलाई जाएंगी. इस ऐप्लिकेशन के ज़रिये टीचर्स प्राइमरी स्कूल के बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज़ देंगे. टीचर्स को सबसे पहले शारदा अभियान के तहत 6 से 14 साल तक के बच्चों का दाखिला यकीनी करना है. दीक्षा ऐप के ज़रिए टीचर्स को अपनी ट्रेनिंग भी पूरा करना है.