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नई दिल्ली: वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के ज़रिए मुल्क को खिताब किया. इस दौरान उन्होंने 'एक साल में एक चुनौती आए या पचास, नंबर कम हों या ज्यादा वो साल खराब नहीं हो जाता. हिंदुस्तान की तारीख ही आफतों और चुनौतियों पर जीत हासिल कर और ज्यादा निखरकर निकलने का रहा है.
उन्होने आगे कहा, 'इन सबके बीच, हमारे कुछ पड़ोसियों द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है. वाकई, एक-साथ इनती आफतें, इस तरह की आफतें, बहुत कम ही देखने-सुनने को मिलती हैं.'
वज़ीरे आज़म ने कहा कि अब लोगों में एक आम सवाल बन गया है कि ये साल कब गुज़रेगा? लोग यह चाहते हैं कि जल्द से जल्द ये साल बीत जाए मुश्किलें आती हैं बोहरान आते हैं लेकिन सवाल यही है कि क्या इन आफतों की वजह से हमें साल 2020 को खराब मान लेना चाहिए? बिलकुल नहीं. एक साल में एक चुनौती आए या पचास चुनौतियां. नंबर कम ज्यादा हो जाने से वो साल खराब नहीं हो जाता.
पीएम ने कहा, 'अभी, कुछ दिन पहले, मुल्क के मशरिकी हिस्से पर अम्फान तूफान आया, तो मगरिबी हिस्से पर निसर्ग तूफान आया. कितने ही सूबों में हमारे किसान भाई-बहन टिड्डी दल के हमले से परेशान हैं और कुछ नहीं, तो मुल्क के कई हिस्सों में छोटे-छोटे ज़लज़ले रुकने का ही नाम नहीं ले रहे हैं.'
पीएम ने कहा, 'कोरोना के बोहरान में मुल्क लॉकडाउन से बाहर निकल आया है. अब हम अनलॉक के दौर में हैं. अनलॉक के इस वक्त में, दो बातों पर बहुत फोकस करना है. कोरोना को हराना और मईशत को मजबूत बनाना, उसे ताकत देना.'
उन्होंने कहा, 'अनलॉक के दौर में बहुत सी ऐसी चीजें भी अनलॉक हो रही हैं, जिनमें हिंदुस्तान दहाइयों से बंधा हुआ था. सालों से हमारा माइनिंग सेक्टर लॉकडाउन में था. कॉमर्शियल ऑक्शन को मंजूरी देने के एक फैसले ने सूरते हाल को पूरी तरह से तब्दील कर दिया है.'
पीएम ने कहा, 'हिंदुस्तान ने जिस तरह मुश्किल वक्त में दुनिया की मदद की उसने आज अमन और तरक्की में हिंदुस्तान के किरदार को और मजबूत किया है. दुनिया ने हिंदुस्तान की आलमी भाईचारे के जज़्बे को भी महसूस किया है. अपनी खुद मुख्तारी और सरहदों की हिफाज़त करने के लिए हिंदुस्तान की ताकत और हिंदुस्तान के कमिटमेंट को देखा है.'
इसके अलावा लद्दाख LAC को लेकर वज़ीरे आज़म ने कहा,"लद्दाख में हमारे जो बहादुर जवान शहीद हुए हैं उनकी बहादुरी को पूरा मुल्क सलाम कर रहा है. पूरा मुल्क उनका शुक्रगुज़ार है, उनके सामने सर झुका रहा है. अपने बहादुर जवानों का कुर्बानी पर उनके परिवार वालों में जो फख्र का जज्बा है मुल्क के लिए जो जज़्बा है-यही तो मुल्क की ताकत है.
पीएम ने कहा कि हिंदुस्तान दोस्ती दिखाना जानता है तो आंख में आंख डालकर जवाब देना भी जानता है. हमें अपने बहादुरों पर फख्र है.
वज़ीरे आज़म ने कहा कि ज़राअत के शोबे में बहुत सारी चीजें दहाइयों से लॉकडाउन में फंसी थी. इस शोबे को भी अब अनलॉक कर दिया गया है. इससे जहां एक तरफ किसानों को अपनी फसल कहीं भी किसी को भी बेचने की आजादी मिली है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें ज्यादा कर्ज मिलना यकीनी हुआ है.
वज़ीरे आज़म ने साबिक वज़ीरे आज़म पीवी नरसिम्हा राव को खिराजे अकीदत पेश की. उन्होंने ने कहा कि आज 28जून को हिंदुस्तान अपने एक साबिक वज़ीरे आज़म को खिराजे अकीदत पेश कर रहा है. जिन्होंने एक नाजुक दौर में मुल्क की कयादत की.
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