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अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जानें किस दिन होगी सुनवाई

Ashoka University Professor Ali Khan: सोनीपत पुलिस ने स्थानीय निवासी योगेश की शिकायत पर हरियाणा की पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया और हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इस बीच प्रोफेसर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं.

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जानें किस दिन होगी सुनवाई

Professor Ali Khan: ऑपरेशन सिंदूर पर ब्रीफिंग देने आईं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने ऐसी टिप्पणी कर दी जो उन्हें महंगी पड़ गई है. हरियाणा महिला आयोग के स्वतः संज्ञान लिया. वहीं सोनीपत पुलिस ने स्थानीय निवासी योगेश की शिकायत पर हरियाणा की पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया और हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इस बीच प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक,  सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने आज सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई से प्रोफेसर अली खान की याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की. सिब्बल ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर पर पूरी तरह से देशभक्ति से भरे बयान के बावजूद अशोका यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की गई है, इस मामले को तत्काल सूचीबद्ध किया जाना चाहिए."

20 या 21 मई को हो सकती है सुनवाई
रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई गवई ने इस मामले को 20 मई या 21 मई को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है. प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के संदर्भ में टिप्पणी की थी. उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की एक प्रेस वार्ता के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी लिखी थी.

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प्रोफेसर के पोस्ट पर बवाल क्यों
दरअसल, 8 मई को  प्रोफेसर अली खान ने एक फेसबूक पोस्ट लिखा. पोस्ट में लिखा, "कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ़ करते हुए इतने सारे दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों को देखकर मुझे खुशी हो रही है. लेकिन शायद ये लोग मॉब लिंचिंग, मनमाने बुलडोजर और बीजेपी के नफ़रत फैलाने वाले लोगों के लिए भी इसी तरह आवाज़ उठा सकते हैं कि इन लोगों को भारतीय नागरिक के तौर पर सुरक्षा दी जानी चाहिए." 

प्रोफेसर ने क्या लिखा?
प्रोफेसर अली खान आगे लिखा, "दो महिला सैनिकों के ज़रिए सूचना देने का नज़रिया महत्वपूर्ण है. लेकिन इस नज़रिए को हकीकत में बदलना चाहिए, नहीं तो यह सिर्फ़ पाखंड है." हालांकि, प्रोफेसर अली खान ने अपनी इसी पोस्ट में भारत की विविधता की भी तारीफ़ की. उन्होंने लिखा, "आम मुसलमानों के लिए ज़मीनी हक़ीकत उससे अलग है जो सरकार दिखाने की कोशिश कर रही है. लेकिन साथ ही, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस (कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की प्रेस ब्रीफ़िंग) दिखाती है कि भारत अपनी विविधता में एकजुट है और एक विचार के तौर पर पूरी तरह से मरा नहीं है." प्रोफेसर अली खान ने अपनी पोस्ट के आखिर में तिरंगे के साथ 'जय हिंद' लिखा.

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