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'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रोफेसर अली खान के बयान का इस मुस्लिम संगठन ने किया बचाव

Professor Ali Khan: ऑपरेशन सिंदूर पर अशिका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान द्वारा की गई टिप्णी पर राजनीति तेज हो गई है. अब उनके समर्थन में जमात-ए इस्लामी हिंद के वाइस प्रेसिडिंट ने एक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अली खान का बयान न तो मुल्क के खिलाफ है, न ही महिला के खिलाफ. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें. 

 

'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रोफेसर अली खान के बयान का इस मुस्लिम संगठन ने किया बचाव

Professor Ali Khan: अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रेस ब्रिफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी, और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर अपने फेसबुक एक पोस्ट के माध्यम से टिप्णी की थी, जिसके बाद उनकी मुश्किले बढ़ गई है. अली खान को हिरयाना पुलिस गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. मामला महिला आयोग से होते हुए पुलिस थाने, और अब सुप्रीम कोर्ट तक चली गई है. इन सब के बीच जमाते इस्लामी हिंद के वाइस प्रेसिडेंट ने प्रोफेसर अली खान का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि अली खान ने ऐसी कोई बात नहीं कही है, जिससे भारतीय सना का अपमान हो या किसी महिला का अपमान हुआ हो. 

जमात-ए इस्लामी हिंद के वाइस प्रेशिंडेंट ने कही ये बात
जमात-ए-इस्लामी हिंद के वाइस प्रेसिडेंट प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने अशिका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान का समर्थन करते हुए कहा कि वह एक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर हैं और वह हमारे मुल्क के बहुत समझदार शख्सियत में से एक है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई ऐसी बात नहीं की थी जिस देश के सम्मान में या महिलाओं के सम्मान में या भारत की फौज का या ऑपरेशन सिंदूर का अपमान हुआ हो. 

मुसलमानों पर जुल्म के खिलाफ बोलना मुल्क के खिलाफ कैसे !
वाइस प्रेसिडेंट सलीम इंजीनियर ने कहा कि जो लोग अली खान के बयान का विरोध कर रहे हैं, असल में वह ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले के नाम पर मुल्क भर में हो रहे मुसलमानों पर जुल्म को दबाना और छुपाना चाहते हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि प्रोफेसर अली खान अपनी टिप्णी में भारतीय फौज की तारीफ की है. साथ ही मुल्क में राजनीति के नाम पर मजहब के नाम पर मुसलमानों पर जुल्म और लिंजिंग के खिलाफ सवाल उठाया है. सलीम इंजीनियर ने कहा कि भारत में मुसलमानों के खिलाफ जुल्म खत्म होना चाहिए, क्या इस तरीके का सवाल नहीं होना चाहिए? उन्होंने आगे कहा ऐसे सवाल मुल्क के खिलाफ कैसे हो गया. 

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प्रोफेसर अली खान ने कही थी ये बात
दरअसल, 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया, जिसमें कई दहशतगर्दों की मौत हो गई. इस ऑपरेशन की सफलता और विस्तृत जानकारी कर्नल सोफिया कुरैसी और विंग कमांडर वियोमिका सिंह ने प्रेस ब्रिफिंग के माध्यम से दी थी, जिसके बाद प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने 8 मई को अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जिरिय ऑपरेशन सिंदूर के बाद कथित दक्षिण पंथी विचार धारा के लोगों द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ करने और मॉब लिंचिंग पर चुप्प रहने पर अपनी राय व्यक्त की थी. 

मॉबलिंचिंग के खिलाफ भी उठने चाहिए सवाल- अली खान
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी के तारफी में सोशल मीडिया पर इतने सारे दक्षिण पंथी लोगों को देखकर खुशी हो रही है. साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा था कि ऐसे ही मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ मॉब लिंचिंग और बीजेपी के नफरती राजनीति के खिलाफ, और बुलडोरजर कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाया जाता. 

कर्नल सोफिया के लिए कही थी ये बात
उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रिफिंग पर टिप्णी करते हुए लिखा था कि दो महिला सैनिकों द्वारा इस ऑपरेशन की सूचना देने का नजरिया महत्वपूर्ण है, लेकिन इस नजरिए को हकीकत में बदलना चहिए नहीं तो यह सिर्फ पाखंड बनकर रह जाएगा. साथ ही उन्होंने लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रिफिंग दो महिलाओं का करना यह दिखाती है कि भारत अपनी विविधता में एकजुट है और एक विचार के तौर पर पूरी तरह से मरा नहीं है. साथ ही प्रोफेसर ने अपने पोस्ट के आखिर में जय हिंद लिखा था, और तिरंगा लगाया था. 

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