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नई दिल्ली: आज हिंदुस्तानी एयर फोर्से में रफाल शामिल हो चुके हैं. फ्रांस की वज़ीरे दिफा (Defence Minister) फ्लोरेंस पार्ली (Florence Parly) भारत पहुंची हैं. वह रफाल इंडक्शन प्रोग्राम की महमाने खुसूसी है. ये खबर चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) दोनों की फिक्र बढ़ाने वाली है.
हिंदुस्तानी फौज के खतरनाक हथियार एटमी हमले के लिए अहल तो पहले से ही थे लेकिन अब एयरफोर्स का बाहुबली रफाल भारत की ताकत को और मजबूत करेगा. रफाल की एटमी मिसाइल ले जाने में अहल है. चीन और पाकिस्तान की सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स में भी ये खूबी नहीं है. जानिए रफाल की 10 बड़ी खूबियां-
Haryana: Water cannon salute given to the five Rafale fighter aircraft at Ambala airbase pic.twitter.com/EeOO3rSbNf
— ANI (@ANI) September 10, 2020
-रफाल दोनों ही ट्विन इंजन, डेल्टा-विंग, सेमी स्टील्थ अहलियत के साथ फोर्थ जनरेशन का फाइटर है. ये न सिर्फ फुर्तीला है, बल्कि इससे एटमी हमला भी किया जा सकता है.
-एक रफाल दुश्मनों के पांच जेट्स को ढेर करने की ताकत रखता है. रफाल की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बियॉन्ड विजुअल रेंज Air-To-Air Missile है. जिसकी रेंज 150 किलोमीटर से ज्यादा होती है. इसे ऐसे समझिए ये हिंदुस्तान के बॉर्डर के अंदर से ही पाकिस्तान में 150 किलोमीटर तक हमला कर सकती है ये मिसाइल.
-कोई भी जंगी तय्यारा कितना ताकतवर हो, ये उस तय्यारे की तकनीक और सेंसर सलाहियत और हथियारों पर मुनहसिर होता है. इसका मतलब ये है कि ये जंगी तय्यारा कितने फासले से देख सकता है और कितनी दूर तक अपने टारगेट को तबाह कर सकता है. इस मामले में रफाल बहुत जदीद और ताकतवर तय्यारा है.
-अगर चाइनीज J-20 और हिंदुस्तान के रफाल का मवाज़ना (तुलना) करें तो रफाल कई मामलों में J-20 पर भारी पड़ता है.
- जैसे रफाल का Combat Radius 3 हज़ार 700 किलोमीटर है जबकि J-20 का Combat Radius 3 हज़ार 400 किलोमीटर है. Combat Radius का मतलब है कि लड़ाकू तय्यारे अपने बेस से एक बार में कितनी दूरी तक जा सकता है.
- चीन अपने J-20 लड़ाकू तय्यारे के लिए अभी नई नस्ल का इंजन तैयार नहीं कर पाया है और अभी वो रूस के इंजन इस्तेमाल कर रहा है, जबकि रफाल में ताकतवर और भरोसेमंद M-88 इंजन लगा है.
- रफाल में तीन तरह की खतरनाक मिसाइल के साथ 6 लेजर गाइडेड बम भी फिट हो सकते हैं.
-रफाल अपने वज़न से डेढ़ गुना ज़्यादा वजन उठा सकता है जबकि J-20 अपने वज़न से 1.2 गुना ज्यादा वजन उठा सकता है. यानी रफाल अपने साथ ज्यादा हथियार और ईंधन ले जा सकता है.
- सबसे अहम बात ये है कि जंग के मैदान में रफाल अपनी अहलियत दिखा चुका है. फ्रांस की एयरफोर्स और नौ सेना में रफाल पिछले 14 साल से तैनात है.
-अफगानिस्तान, इराक, सीरिया और लीबिया में रफाल ने अपनी अहलियत दिखाई है, जबकि इसका मवज़ना में चीन अपना J-20 लड़ाकू तय्यारे 2017 में यानी सिर्फ तीन साल पहले ही अपनी सेना में लेकर आया है.
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