)
कोलकाता: भारत के हेड कोच राहुल द्रविड़ इस बात से आहत नहीं हैं कि ऋद्धिमान साहा ने अपने भविष्य को लेकर उन दोनों के बीच हुई बातचीत का खुलासा कर दिया क्योंकि उनका मानना है कि यह अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ‘सच्चाई और स्पष्टता’ का हकदार था. साहा को हाल में भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला. उन्होंने मीडिया से कहा कि पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के बाद द्रविड़ ने उन्हें आपसी बातचीत में संन्यास लेने पर विचार करने की सलाह दी थी.
द्रविड़ ने कहा कि साहा से बात करने के पीछे उनका इरादा यह यकीनी करना था कि उन्हें यह साफ तौर पर पता हो कि टीम में उनकी हालत क्या है और उन्हें इसका पछतावा नहीं है. द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज़ में भारत की 3-0 से जीत के बाद कहा, ‘‘मैं हकीकत में आहत नहीं हूं. मैं साहा और भारतीय क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों और योगदान की बहुत इज्ज़त करता हूं. मेरी बातचीत इसी संदर्भ में थी. मुझे लगता है कि वह सच्चाई और स्पष्टता के हकदार हैं. ’’
साहा ने भारत की तरफ से 40 टेस्ट मैच खेले हैं. इस 37 वर्षीय विकेटकीपर को श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज़ के लिये टीम में नहीं चुना गया. वह रणजी ट्राफी में भी नहीं खेल रहे हैं. द्रविड़ ने कहा कि वह आगे भी खिलाड़ियों से इस तरह की स्पष्ट बातचीत जारी रखेंगे भले ही उन्हें यह रास आये या नहीं. उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की बातचीत मैं लगातार खिलाड़ियों के साथ करता हूं. मैं यह उम्मीद भी नहीं करता कि मैं खिलाड़ियों के बारे में जो कुछ कहता हूं वे हमेशा उससे सहमत होंगे.’’
द्रविड़ ने कहा, ‘‘आप खिलाड़ियों के साथ सख्त बातचीत कर सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप बातों को दबाकर रखें और बातचीत न करें.’’ द्रविड़ ने कहा कि वह प्लेइंग इलेवन का सलेक्शन करने से पहे खिलाड़ियों से बात करने की रणनीति अपनाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा प्लेइंग इलेवन के चयन से पहले इस तरह की बातचीत में यकीन रखता हूं और यह सवाल सुनने के लिये तैयार रहता हूं कि कोई खिलाड़ी क्यों नहीं खेल रहा है. खिलाड़ी का मायूस और दुखी होना स्वाभाविक है.’’
ZEE SALAAM LIVE TV