राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर बुलाया, 14 पार्टियों ने लिया हिस्सा, इन 2 ने बनाई दूरी

विपक्षी पार्टियां करीब दो हफ़्तों से इस मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहा है और सरकार से मांग कर रहा है कि पेगासस जासूसी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए. 

राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर बुलाया, 14 पार्टियों ने लिया हिस्सा, इन 2 ने बनाई दूरी

नई दिल्ली/Ashif Aqbal: संसद में जारी पेगासस को लेकर जारी गतिरोध के बीच पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर बुलाया है. राहुल गांधी ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों को नाश्ते पर बुलाया है. पेगासस के मुद्दे पर मॉनसून सत्र नहीं चल पा रहा है. इसी मुद्दे पर अपोजीशन नेता अपनी आगे की रणनीति बनाई. 

विपक्षी पार्टियां करीब दो हफ़्तों से इस मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहा है और सरकार से मांग कर रहा है कि पेगासस जासूसी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए. इस मीटिंग में TMC, NCP, RJD, CPI, SP, शिवसेना समेत 14 पार्टियों के नेता शामिल हुए. हालांकि मायावती की बहुजम समाज पार्टी और केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने इस मीटिंग में शिरकत नहीं की.

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमें इस ​आवाज (लोगों की आवाज) को एकजुट करना होगा, ये आवाज जितनी एकजुट होगी उतनी ही मजबूत होगी और भाजपा व आरएसएस के लिए इस आवाज को दबाना उतना ही मुश्किल होगा.

बता दें कि पेगासस जासूसी कांड पर सरकार पूरी तरह घिरी हुई है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर संसद में हंगामा कर रहा है जिसके चलते पार्लियामेंट का कार्रवाई नहीं चल पा रही है. अपोजीशन पार्टियां इस मामले की जांच कराने की मांग कर रही हैं. इतना ही नहीं, बिहार में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार ने भी इस मामले की जांच की मांग की है. 

नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत दिनों से ये मामला चल रहा है इसलिए जांच हो जानी चाहिए. जांच के बाद सब साफ़ हो जाएगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल और सीनियर भाजपा नेता कप्तान सिंह सोलंकी ने पेगासस जासूसी मामले में जांच की हिमायत करते हुए सोमवार को कहा कि संसद का गतिरोध दूर करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को आपसी बातचीत से कोई रास्ता निकालना चाहिए. 

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पेगासस मुद्दा अब उच्चतम न्यायालय में चला गया है, इसलिए इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि मामला अब अदालत में विचाराधीन है. यह मामला इजराइली स्पाईवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर कई मुअज्जिज नागरिकों, नेताओं और सहाफियों की मुबैयना जासूसी से जुड़ा है. मरकजी सरकार ने इस संबंध में अपने ऊपर लगाए जा रहे विपक्ष के इल्जामों से इनकार किया है.

इसके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांधी ने भी ट्वीट करते हुए कहा,"अगर विपक्ष किसी मामले की जांच की मांग कर लगातार संसद का काम प्रभावित कर रहा है तो यह गंभीर मामला है. मुझे लगता है वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पेगासस जासूसी मामले की जांच करा लेनी चाहिए,जिससे देश को पता चल पाए कि कौन किन लोगों की जासूसी करवा रहा है."

ZEE SALAAM LIVE TV