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Rahul Gandhi Not Allowed Srimanta Sankardeva Temple: असम के नगांव में कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने सोमवार को इस बात पर सवाल उठाया कि कानून-व्यवस्था संकट के दौरान सभी लोग वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान पर जा सकते हैं, लेकिन सिर्फ वह नहीं जा सकते. राहुल गांधी को सत्र (शंकरदेव के जन्मस्थान) जाते समय हैबरगांव में रोका गया था. जहां, उन्होंने सीनियर कांग्रेस लीडरों और हामियों के साथ धरना दिया जबकि पार्टी एमपी गौरव गोगोई और बटद्रवा एमएलए शिवमोनी बोरा मुद्दे को सुलझाने के लिए जन्मस्थान की तरफ बढ़े. उनके लौटने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि वह शंकरदेव के दर्शन में विश्वास करते हैं. उन्होंने कहा हम लोग, सभी लोगों को एक साथ लाने में यकीन करते हैं, नफरत फैलाने में नहीं.
#WATCH | Assam | On his visit to Batadrava Than, Congress MP Rahul Gandhi says "We want to visit the temple (Batadrava Than). What crime have I committed that I cannot visit the temple?..." pic.twitter.com/1Y3cKs8Xn5
— ANI (@ANI) January 22, 2024
राहुल गांधी ने कहा कि, शंकरदेव हमारे लिए एक गुरु की तरह हैं और हमारा मार्गदर्शन करते हैं. इसलिए जब मैं असम आया तो मैंने सोचा था कि मुझे उनके प्रति अपना आभार प्रकट करना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 11 जनवरी को शंकरदेव के जन्मस्थान का दौरा करने का दावतनामा मिला था लेकिन, रविवार को हमें बताया गया कि वहां कानून-व्यवस्था का कुछ मसला है. राहुल गांधी ने कहा कि, मौका मिलने पर मैं बटद्रवा जाऊंगा. मेरा मानना है कि असम और पूरे देश को शंकरदेव के बताए रास्ते पर चलना चाहिए.
श्री शंकरदेव सत्र की प्रबंध समिति ने रविवार को ऐलान किया था कि राहुल गांधी को 22 जनवरी को दोपहर तीन बजे से पहले सत्र में जाने की इजाजत नहीं देंगे. इससे पहले असम के सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने एक प्रोग्राम के दौरान कहा था कि उन्होंने राहुल गांधी से अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा प्रोग्राम से पहले ऐसा नहीं करने की अपील की थी. राहुल गांधी और उनकी टीम सुबह सत्र के लिए रवाना हुई थी लेकिन उन्हें हैबरगांव में रोक दिया गया. राहुल गांधी ने पुलिस से सवाल किया कि उन्हें सत्र का दौरा करने से क्यों रोका जा रहा है? राहुल ने कहा, क्या पीएम नरेन्द्र मोदी अब ये तय करेंगे कि कौन मंदिर जाएगा और कब जाएगा?
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, अचानक हमें बताया गया कि हम दोपहर 3 बजे से पहले हम वहां दर्शन के लिए नहीं जा सकते. उन्होंने दर्शन का टाइम बदलने के लिए राज्य सरकार पर दबाव का इल्जाम लगाया.