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गया/प्रकाश कुमार: बिहार के इल्म की नगरी में मौजूद मगध यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद अपने कामों को लेकर हमेशा विवाद में रहे हैं और उनके ऊपर करप्शन में भी मुलव्विस होने को आरोप लगते रहे हैं. अब यूनिवर्सिटी में खरीदारी के नाम पर 30 करोड़ रुपए से ज्यादा के गलत इस्तेमाल को लेकर बुधवार को विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की. गया स्थित आवास, बोधगया के दफ्तर और गोरखपुर स्थित घर की तलाशी ली गई.
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के घर से 70 लाख नगद, करीब 5 लाख की विदेशी मुद्रा और 15 लाख रुपए के जेवर बरामद हुए हैं. जमीन के कई कागजात के साथ बैंक खातों और लॉकर की भी जानकारी मिली है.
बताया जा रहा है कि एसवीयू को गोरखपुर स्थित आवास की तलाशी में करीब एक करोड़ की जमीन के कुछ कागजात मिले हैं. जानकारी के मुताबिक, ये जमीन हाल के सालों में ही खरीदी गई है. इसके अलावा कई बैंक एकाउंट और कुछ लॉकर का भी पता चला है जिसे फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
गौरतलब है कि मगध यूनिवर्सिटी के कई विभागों में अनियमितता व भ्रष्टाचार वगैरह को लेकर कई आरोप थे. बिहार स्पेशल यूनिट के डीजी नैयर हसनैन खान खुद इसकी मॉनिटरीग कर रहे है. छापेमारी यूनिट में बिहार स्पेशल विजिलेंस यूनिट के एसपी रैंक अधिकारी समेत कई डीएसपी और मकामी थाने की पुलिस मौजूद भी थी.
काबिले ज़िक्र है कि कि स्पेशल विजिलेंस यूनिट 2/2021 ने वीसी डॉ राजेन्द्र प्रसाद सिंह उनके निजी सहायक सुबोध कुमार और एक पूर्व ग्राफिक्स एंड ऑफसेट प्रिंटिंग के मालिक ओम प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज की है. वहीं, अधिकारी इस सिलसिले में कुछ भी बताने से फिलहाल परहेज़ कर रहे हैं.
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