)
नई दिल्ली : निज़ामुद्दीन तबलीगी जमात मरकज़ के प्रोग्राम में शामिल हुए कुछ लोगों के अलग अलग रियासतों में पहुंचने की ख़बर से रियासती और मरकज़ी हुकूमत की नींद उड़ गई.इन लोगों को ढूढ़ निकालना हुकूमत के लिए चुनौती बन गया.मरकज़ को खाली करवा कर निकाले गए कुछ लोगों को इलाज के लिए हॉस्पिटल एडमिट कराया गया और कुछ लोगों को क्वारंटीन किया गया है. लेकिन वापस गए 7831 लोगों से ही मुल्कभर में कोरोना वायरस का ख़तरा सबसे ज्यादा है...महकमा सेहत भी मानता है कि मुल्क में कोरोना पॉज़िटिव के जो मामले बढ़े हैं वो ज्यादातर तबलीगी जमात के लोगों में पाए गए हैं
इस बीच तबलीगी जमात ने रेलवे की भी परेशानी बढ़ा दी है. क्योंकि जो जमाती ट्रेन से लौटे हैं उनके साथ सफर करने वाले लोगों की जानकारी जुटाना चुनौती बन गई है. उन ट्रेनों को लिस्ट किया जा रहा है जिनसे इन लोगों ने सफर किया था. इसका मकसद यह है कि जिन दूसरे मुसाफिरीन ने इन ट्रेनों में सफर किया होगा उनको भी निगरानी में रखा जा सकेगा क्योंकि इससे देश के बड़े इलाके में इंफेक्शन का खतरा पैदा हो सकता है.रेलवे दिल्ली में पांच ट्रेनों में तबलीगी जमात में हिस्सा लेने वाले लोगों के साथ सफर करने वाले मुसाफिरों के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
इनमें आंध्र प्रदेश को जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस
चेन्नई तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस
चेन्नई को ही जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस
नयी दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस
और एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं।
ये सभी ट्रेनें 13 से 19 मार्च के बीच दिल्ली से रवाना हुईं थीं।रेलवे रियासतों के साथ ताल-मेल बिठाकर ऐसे मुसाफ़िरीन की पहचान में जुटा हुआ है.
Watch Zee Salaam Live TV