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सैयद अब्बास मेहदी रिज़वी: राम विलास पासवान के क़रीबी कहते हैं कि वो खाने-पीने के बहुत शौक़ीन थे.ज़्यादातर वो ख़ुद ही खाना बनाते थे.ख़ुद खाते थे और अपने हामियों को भी ख़ूब खिलाते थे. लंबे वक़्त से उनको कवर कर रहे ज़ी मीडिया के सीनियर सहाफ़ी आशिफ़ इक़बाल उनकी बातों को याद करते हुए कहते हैं कि एक दिन उन्होने रशियन सैलड खाने की ख़्वाहिश ज़ाहिर की.
खुद सेब काटते हुए पकड़ी थी गड़बड़ी
उनका स्टाफ रशियन सलाद बनाने के लिए जरूरी सामान और फल लाने के लिए बाजार चला गया. बाजार से सामान और फल आने के बाद स्टाफ ने रशियन सलाद बनाना शुरु किया. इस बीच फ़ूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मामलों के मरकज़ी वज़ीर राम विलास पासवान ने एक-एक करके सभी फलों को ठीक से धोने की हिदायत भी दे दी थी..फल धोने के बाद खुद राम विलास पासवान सलाद काटने में जुट गए.इस दौरान जब उन्होने सेब को काटना शुरु किया तो सेब हाथों से फिसलने लगा पासवान जी को कुछ शक हुआ तो उन्होने सेब को चाकू से खुरचा तो उस पर वैक्स (मोम) लगा हुआ मिला.
स्टाफ़ से पूछा कहां से लाए हो
पासवान जी ने स्टाफ से पूछा कि ये सेब कहां से लाए हों...तो बताया गया कि खान मार्केट के एक नामी फल की दुकान से सेब खरीदा गया है. फिर जब सेब की कीमत पूछा तो स्टाफ ने उन्हें बताया कि सेब 420 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा है. इसके बाद पासवान साहब ने अपने अफ़सरान को फोन करके इस मामले की जानकारी दी.
फ़ौरन हुई कार्रवाई
खुद फ़ूड मामलों के वज़ीर के घर में वैक्स लगे सेब मिलने से महकमें में हड़कंप मच गया. अफ़सरान फ़ौरन हरकम में आ गए,जांच शुरु हुई जांच में पता चला कि वजन में भी गड़बड़ी थी. केमिकल भी था. बेचने वाले का चालान किया गया.
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