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Republic Day 2024: भारत का तिरंगा भारत के लोगों की आन, बान और शान है. भारत का झंडा भी साल 1950 को अपनाया गया था. भारतीय झंडा तीन कलर में है. इसीलिए इसे तिरंगे के नाम से भी जाना जाता है. भारतीय झंडे में ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरा. झंडे में केसरिया रंग का मतलब है बलिदान, सफेद रंग का मतलब है शांति और हरे रंग का मतलब है भारत की हरियाली. झंडे में बना चक्र भारत की प्रगति दिखाता है. साल 2002 में भारतीय झंडा फहराने के ताल्लुक से कई बदलाव हुए हैं. अब कोई भी शख्स भारतीय नागरिक झंडा फहरा सकता है. लेकिन इसे फहराने के कुछ नियम कानून हैं. आइए इन्हें जानते हैं.
झंडा फहराने के नियम
सबसे पहले आपके पास एक साफ सुधरा झंडा होना चाहिए. इसे ऐसी जगह पर फहराया जाना चाहिए जहां से यह सबको दिखाई दे.
जहां पर आप तिरंगे को फहरा रहे हैं, अगर वहां पर कोई दूसरा झंडा हो तो वह तिरंगे से ऊंचा नहीं होना चाहिए.
जब भी कोई झंडा बनाए या फहराए तो याद रखे कि उसमें 24 तीलियां हैं.
तिरंगा फहराते वक्त ध्यान रहे कि यह जमीन में न लगे और न ही यह झुका हुआ हो.
झंडा हमेशा सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले फहराया जाना चाहिए.
अगर रात में झंडा फहराया है, तो उसके लिए अच्छा खासा उजाला होना चाहिए.
अगर किसी मंच पर झंडा फहराया जा रहा है, तो जो वक्ता है वह सामने की तरफ देखे और भारतीय झंडा ठीक उसके दाहिने होना चाहिए.
तिरंगे को फहराते वक्त बिगुल बजाया जाना चाहिए. अगर बिगुल नहीं है तो आम नागरिक भी इसे फहरा सकता है.
अगर किसी वजह से तिरंगा फट गया है, या कट गया है तो उसे अकेले में नष्ट किया जाना चाहिए.
साल 2002 में भारतीय ध्वज संहिता लागू होने से पहले कोई भी आम नागरिग झंडे को सिर्फ 26 जनवरी या 15 अगस्त को ही फहरा सकता था. लेकिन अब कोई भी आम नागरिक अच्छे ढंग से फहरा सकता है.