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नई दिल्लीः कांग्रेस पार्टी ने अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ (the official residence of Congress interim President Sonia Gandhi) समेत कई इमारतों का किराया पिछले कई सालों से नहीं चुकाया (The rent of several properties occupied by Congress leaders has not been paid) है. वहीं भाजपा (BJP) ने किराया चुकाने के लिए चंदा इकट्ठा करने का फैसला लिया है. केंद्रीय शहरी विकास व आवास मंत्रालय ने आरटीआई कार्यकर्ता सुजित पटेल की अर्जी के जवाब में कहा है कि कांग्रेस के कई नेता सरकारी इमारतों का किराया नहीं चुका रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ, 24 अकबर रोड़ स्थित (Sonia Gandhi residence 10 Junpath, 24 Akber Road)- कांग्रेस मुख्यालय (Congress headquarters,) और चाणक्यपुरी में सोनिया गांधी के निजी सचिव आवास का किराया लंबे समय से नहीं चुकाया गया है. अब इन बंगलों का किराया लाखों रुपये बकाया हो गया है.
आखिरी बार दिसंबर 2012 में चुकाया गया था किराया
केंद्रीय शहरी विकास व आवास मंत्रालय के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी मुख्यालय का 12,69,902 रुपये का किराया लंबित है. इसका किराया आखिरी बार दिसंबर 2012 में चुकाया गया था. वहीं सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ का 4,610 रुपये का किराया बाकी है. इसका किराया पिछली बार सितंबर 2020 में चुकाया गया था. इसी तरह से दिल्ली की चाणक्यपुरी में सोनिया गांधी के निजी सचिव, विंसेंट जॉर्ज के बंगला नंबर सी-/109 का 5,07,911 रुपये बाकी है. आखिरी बार इस बंगले का किराया अगस्त 2013 में चुकाया गया था.
तीन साल में खुद का कार्यालय बनाना जरूरी
मंत्रालय के मुताबिक, सभी राष्ट्रीय व प्रांतीय पार्टी को तीन साल में अपना खुद का कार्यालय बनाना होता है. इसके बाद उसे सरकारी बंगला खाली करना पड़ता है. कांग्रेस को 9ए राउस एवेन्यू में जमीन आवंटित की जा चुकी है, ताकि वह वहां पार्टी कार्यालय बना ले. कांग्रेस को साल 2013 में ही 24 अकबर रोड़ स्थित बंगले को खाली करना था, जोकि अभी तक नहीं किया गया है. फिलहाल इस पूरे मामले में बीजेपी ने चंदा इकट्ठा कर किराया चुकाने का अभियान शुरू कर दिया है.
भाजपा चंदा कर चुकाएगी किराया
बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने कहा है कि जब किराए के बराबर चंदा इकट्ठा हो जाएगा तो ये सोनिया गांधी को भेजा जाएगा. इस अभियान की शुरूआत तेजिंदर बग्गा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर की है. बग्गा ने कहा, राजनीतिक मतभेदों को छोड़कर मैं एक इंसान के रूप में उनकी मदद करना चाहता हूं. मैंने एक अभियान शुरू किया और सोनिया गांधी के खाते में 10 रुपये भेजे है. वहीं बीजेपी के सोशल मीडिया प्रमुख अमित मालवीय ने इस मामले में ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवासी मजदूरों के लिए टिकट कटाना तो जरूरी समझती है लेकिन अपने आवास का बकाया किराया भरना नहीं. बीजेपी ने इसके लिए बाकायदा SoniaGandhiReliefFund के नाम से मुहीम भी चला रही है.
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