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Russia Ukraine War: पिछले रोज़ से यूक्रने और रूस के बीच घमासान की लड़ाई जारी है. यूक्रेन की राजधानी कीव समेत पूरा देश रूसी मिसाइलों की जद में है. इस लड़ाई की वजह से यूक्रेन में हज़ारों भारतीय शहरी फंसे हुए हैं. दरअसल, रूस के हमलों के बाद यूक्रन ने अपनी हवाई सीमाओं को बंद कर दिया है, जिसकी वजह से भारतीयों को वहां से निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ऐसी सूरते हाल में भारत यूक्रेन से अपने शहरियों को निकालने के लिए हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और रोमानिया के जरिए सड़क रास्तों पर ध्यान दे रहा है.
जानकारी के मुताबिक, भारतीय छात्रों को यूक्रेन से सटे 4 देशों से बाहर निकाला जाएगा. ये देश हैं-हंगरी, रोमानिया, स्लोवाक रिपब्लिक और पोलैंड. भारतीय दूतावास ने इन देशों की सीमा पर कैंप लगा दिए हैं. इन कैंपों में जिन अधिकारियों से भारतीय छात्रों को संपर्क करना है, उनके नाम और नंबर भी जारी कर दिए हैं. जब सड़क के रास्ते भारतीय छात्र इन देशों में पहुंच जाएंगे, तब उन्हें कतर के रास्ते भारत लाया जाएगा. इसके लिए दोहा में मौजूद भारतीय दूतावास ने सारी तैयारियां कर ली हैं.
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्रधानमंत्री ने सीसीएस बैठक में बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों समेत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और यूक्रेन से उन्हें निकालना है. उन्होंने कहा, मैं यूक्रेन के छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों समेत सभी भारतीय नागरिकों को यकीन दिलाना चाहता हूं कि हम आपको महफूज वापस लाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएंगे.
गौरतलब है कि भारत सरकार अब तक करीब 4000 शहरियों को यूक्रेन से महफूज़ तौर पर निकाल चुकी है. वहीं, भारतीय वज़ीरे खारजा एस जयशंकर पोलैंड, स्वोवाकिया, रोमानिया और हंगरी के अपने हम-मंसबों से बात-चीत कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन संकट के बीच फंसो भारतीय शहरियों को महफूज़ तौर पर निकाला जा सके.
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